विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

JPSC Protest: हेमंत सरकार ने आंदोलनकारियों के साथ शुरू की बातचीत, छात्रों ने खुली चर्चा का रखा प्रस्ताव

By Adil HassanEdited By: Krishna Bahadur Singh Parihar
Published: Wed, 05 Aug 2026 03:58 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 05 Aug 2026 04:31 PM (GMT+05:30)

राजधानी रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों से बातचीत के लिए सरकार ने पहल की है। मुख्यमंत्री हेमंत ...और पढ़ें

HighLights

  1. सरकार ने जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्रों से बातचीत शुरू की।

  2. SDO और ADM लॉ एंड ऑर्डर छात्रों से मिलने पहुंचे।

  3. मुख्यमंत्री ने पेपर लीक पर गंभीरता से समाधान का आश्वासन दिया।

जागरण संवाददाता, रांची। राजधानी रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों से बातचीत के लिए सरकार ने पहल की है। इस संबंध में राज्य सरकार के प्रस्ताव को लेकर एसडीओ और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचे।

SDO रजत ने सरकार छात्रों से बातचीत करना चाहती है। वह प्रतिनिधि के रूप में यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि छात्र 5 लोगों का डेलीगेशन बना लें, जिससे उनकी बातचीत सरकार के साथ कराई जा सके। उन्होंने शाम 4 बजे सर्किट हाउस में बातचीत का प्रस्ताव दिया।

सरकार के प्रस्ताव पर छात्रों ने बातचीत की सहमति तो जताई, लेकिन स्पष्ट किया कि वार्ता बंद कमरे में नहीं होगी। उनका कहना है कि बातचीत मीडिया की मौजूदगी में सार्वजनिक रूप से होनी चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे। छात्रों का तर्क है कि उनकी मांगें पूरे राज्य के युवाओं से जुड़ी हैं, इसलिए वार्ता भी खुले मंच पर होनी चाहिए। छात्रों ने कहा कि अच्छी बात है कि सरकार 12 दिन बात जागी है।

आंदोलनरत छात्रों ने बताया कि वे सरकार के प्रस्ताव पर आपसी चर्चा के बाद शाम पांच से छह बजे के बीच अंतिम निर्णय लेकर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया देंगे।

हमारा उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि पुख्ता समाधान: मुख्यमंत्री

इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि युवा साथियों की चिंताएं हमारे लिए अत्यंत गंभीर विषय हैं। पेपर लीक का विषय केवल झारखंड का नहीं है, बल्कि देश के अनेक राज्यों के युवाओं के सामने यह एक बड़ी राष्ट्रीय समस्या बन चुका है।

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार इस मामले पर पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है। संबंधित एजेंसियां दिन-रात जांच कर रही हैं और दोषियों को जेल भी भेजा रहा है, लेकिन उनका उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि युवाओं को पुख्ता समाधान देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार के दरवाजे हमेशा सभी के लिए खुले रहते हैं। जिन छात्रों या अभ्यर्थियों की कोई भी मांग या सुझाव है, वे अपनी बात राज्य सरकार के समक्ष रख सकते हैं। युवा साथियों की प्रत्येक बात को पूरी गंभीरता से सुना जाएगा।