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    रांची आंदोलन का अभी तक नहीं निकला कोई हल, जयराम महतो छात्रों के समर्थन में आज करेंगे निर्जला व्रत

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 07:00 AM (GMT+05:30)

    प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के विरोध में झारखंड सरकार और छात्र संगठनों के बीच वार्ता बेनतीजा रही। विधायक जयराम महतो ने 9 अगस्त को अनशन का एलान किया ...और पढ़ें

    विधायक जयराम महतो। (जागरण)

    विधायक जयराम महतो। (जागरण)

    HighLights

    1. सरकारी समिति और छात्र संगठनों की वार्ता बेनतीजा रही।

    2. विधायक जयराम महतो 9 अगस्त को एकदिवसीय अनशन करेंगे।

    3. छात्र 14वीं JPSC रद करने की मांग पर अड़े, आंदोलन जारी।

    डिजिटल डेस्क, रांची। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में झारखंड में अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।

    शनिवार को हेमंत सोरेन सरकार द्वारा गठित 5 सदस्यीय मंत्री स्तरीय समिति और आंदोलनकारी छात्र संगठनों के बीच आयोजित वार्ता का दूसरा दौर भी पूरी तरह बेनतीजा रहा।

    सरकार से कोई ठोस समाधान न मिलने पर प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सभी शर्तें स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा।

    एकदिवसीय अनशन पर बैठेंगे विधायक जयराम महतो

    इस बीच, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम महतो ने भी अभ्यर्थियों के समर्थन में 9 अगस्त को एक दिवसीय अनशन पर बैठने का एलान किया है।

    सरकार की 5 सदस्यीय समिति ने कई गुटों से की चर्चा

    हेमंत सोरेन सरकार की 5 सदस्यीय कमेटी, जिसमें राज्य के मंत्री भी शामिल हैं, ने सबसे पहले JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। शनिवार को देवेंद्र नाथ महतो के अनशन का 7वां दिन था।

    इसके बाद समिति ने कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन NSUI, ACS और सत्तारूढ़ दल की छात्र इकाई 'झारखंड छात्र मोर्चा' (JCM) के प्रतिनिधियों से अलग-अलग बातचीत की। हालांकि, करीब दो घंटे चली इस लंबी चर्चा के बावजूद कोई बीच का रास्ता नहीं निकल सका।

    'मांगें जायज हैं, CM के समक्ष रखेंगे': मंत्री संजय प्रसाद यादव

    इससे पूर्व, शुक्रवार देर रात को भी राज्य सरकार और 'JPSC/JSSC रिफॉर्म मंच' के प्रतिनिधियों के बीच पहले दौर की वार्ता हुई थी। समिति के सदस्य और राज्य सरकार में मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि परीक्षार्थियों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और इन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष विचार के लिए रखा जाएगा।

    दूसरी ओर, सत्तारूढ़ झामुमो की छात्र शाखा 'झारखंड छात्र मोर्चा' (JCM) ने भी सरकार के सामने 5 प्रमुख मांगें सौंपी हैं, जिनमें 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को तुरंत रद्द करने की मांग प्रमुखता से शामिल है।

    'मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन'

    वार्ता समाप्त होने के बाद रिफॉर्म मंच के एक प्रतिनिधि ने कहा कि हालांकि सरकार ने मुद्दों के समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन वे अपने रुख पर कायम हैं।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि 14वीं JPSC परीक्षा को निरस्त करने समेत जब तक उनकी सभी मांगें आधिकारिक रूप से नहीं मानी जातीं, तब तक रांची में उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।

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