विधानसभा के गेट नंबर-1 पर छात्रों ने शुरू किया धरना, हटाने का प्रयास जारी; दूसरे जिले से भी रांची बुलाई जा रही है पुलिस
हजारों छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव किया। मार्च के दौरान पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करन ...और पढ़ें
HighLights
हजारों छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव किया।
पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया।
विधानसभा की कार्यवाही स्थगित, कई छात्र घायल।
राज्य ब्यरो, रांची। विधानसभा के गेट नंबर से छात्रों को हटाने में पुलिस-प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। रांची डीसी मंजुनाथ भजंत्री पहुंचे हैं। मुख्य सचिव अविनाश कुमार और गृह सचिव वंदना डाडेल भी मौके पर। छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं है। शाम सात बजे भी कुछ छात्र बाहर सड़क पर डटे हैं।
झारखंड विधानसभा के बाहर आज (10 अगस्त) का नज़ारा पूरी तरह से रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। झाखंड के इतिहास में पहली बार हुआ है कि प्रदर्शनकारी विधानसभा के इतने करीब तक पहुंच गए। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हजारों की संख्या में छात्र उग्र रूप धारण करते हुए सीधे विधानसभा के गेट नंबर 1 तक पहुंच गए। पुलिस की ओर से छात्रों को वापस लौटने की अपील लगातर की जा रही है।
हालात यह हो गए कि प्रदर्शनकारी विधानसभा की मुख्य बाउंड्री से मात्र 10 मीटर की दूरी पर डटकर नारेबाजी करने लगे, जिससे वहां भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। आज विधानसभा की कार्यवाही के उपरांत कल दिनांक 11 अगस्त तक के प्रातः 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई हैं। कर्मचारी और विधायक दूसरे गेट से बाहर निकले।
विधानसभा के गेट नंबर एक के पास छात्र धरने पर बैठ गए हैं। इसी गेट से सीएम, मंत्री सहित विधायक विधानसभा में प्रवेश करते हैं।इधर आंदोलन की उग्र होने की स्थिति में राज्य के सभी ज़िलों से पुलिस बल को रांची पहुंचने का निर्देश दिया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से विशेष अलर्ट जारी किया गया है।
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(शाम सात बजे तक भी विधानसभा गेट से छात्रों को हटाने का प्रयास जारी।)
प्रशासन की अपील बेअसर, पुलिस का लाठीचार्ज और आंसू गैस
मौके पर मौजूद जिला प्रशासन और पुलिस बल की ओर से लगातार छात्रों से शांति बनाए रखने और विधानसभा परिसर के आसपास से हटने की अपील की जा रही थी, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को बिल्कुल तैयार नहीं थे।
इससे पहले मार्च के दौरान स्थिति को बेकाबू होते देख सुरक्षाबलों को मजबूरन हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज करना पड़ा और भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के कई गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान हुई तीखी झड़प और भगदड़ में कुछ छात्रों के घायल होने की भी सूचना सामने आई है। जगन्नाथ मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया गया।

(विधानसभा के गेट नंबर पर धरने पर बैठे छात्र।)
विधायक आवास के पास भी चले आंसू गैस के गोले, ड्रोन से निगरानी
तनाव का दायरा सिर्फ विधानसभा के गेट तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पास ही स्थित विधायक आवास के पास भी पुलिस ने उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
हालांकि, पुलिस की इन कार्रवाइयों के बाद भी छात्र शांत नहीं हुए और वे फिर से एकजुट होकर पुलिस द्वारा आंसू गैस के प्रयोग का कड़ा विरोध जताने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से ड्रोन के जरिए लगातार चप्पे-चप्पे की पैनी निगरानी की जा रही है ताकि हालात पूरी तरह नियंत्रण में रहें।
कार्यवाही स्थगित, दूसरे गेट से निकाले गए विधायक और अधिकारी
छात्रों के इस भारी हंगामे और उग्र प्रदर्शन के कारण विधानसभा के भीतर भी सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत पुख्ता किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर विधानसभा के सभी कर्मी, बड़े अधिकारी और कई विधायकगणों को जोखिम से बचाते हुए सुरक्षित रूप से दूसरे गेट से बाहर निकाला गया।
बाहर चल रहे भारी बवाल और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए आज विधानसभा की कार्यवाही को समय से पहले ही स्थगित कर दिया गया है। अब सदन की अगली कार्यवाही कल, 11 अगस्त 2026 को प्रातः 11 बजे तक के लिए निर्धारित की गई है।