बाहर विरोध-प्रदर्शन, अंदर विपक्ष की गैरमौजूदगी में झारखंड विधानसभा में पास हुआ 8399 करोड़ का अनुपूरक बजट
विपक्ष की अनुपस्थिति में झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र चला, जिसमें 8,399.31 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित हुआ। भाजपा विधायक सीएम आवास घ ...और पढ़ें

विपक्ष के बिना अंदर चल रही थी विधानसभा, बाहर परिसर में लेट गए आजसू विधायक निर्मल महतो।
HighLights
विपक्ष की अनुपस्थिति में झारखंड विधानसभा सत्र संचालित हुआ।
8,399.31 करोड़ का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित।
भाजपा विधायक सीएम आवास घेराव के कारण हिरासत में।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को विपक्ष की अनुपस्थिति में सदन चला। भाजपा के विधायक सीएम आवास घेराव के दौरान हिरासत में लिए जाने के कारण सदन में नहीं पहुंच सके।
जदयू के विधायक सरयू राय बीमार होने के कारण नहीं आ सके तो आजसू के विधायक निर्मल महतो परीक्षाओं में गड़बड़ी की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर विधानसभा परिसर में धरना दे रहे थे। इस बीच प्रश्नकाल के दौरान भाजपा के कई विधायकों के सवाल आए, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण उनपर सरकार का जवाब नहीं आ सका।
स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने सवाल पूछकर सदन में अनुपस्थित रहने पर नाराजगी प्रकट की।उन्होंने कहा कि सवाल पूछकर सदन में नहीं आना संसदीय व्यवस्था में ठीक परंपरा नहीं है। हालांकि शुरू में सत्ता पक्ष के भी एक-दो विधायक अनुपस्थित थे, जिनके सवाल आए थे।
बाद में उनके पहुंचने पर उनके सवाल लिए गए। प्रश्नकाल में भाजपा के जिन विधायकों के सवाल थे, उनमें नागेंद्र महतो, सीपी सिंह, राज सिन्हा, जदयू के सरयू राय आदि शामिल थे जो सदन से अनुपस्थित थे।
वहीं, कांग्रेस के सुरेश कुमार बैठा भी सवाल डालकर सदन से अनुपस्थित थे। शून्यकाल के दौरान भी सवाल पूछनेवाले भाजपा विधायकों की अनुपस्थिति पर स्पीकर ने कहा कि उन्हें पता नहीं था कि सदन आना नहीं पड़ेगा।
इधर, दूसरी पाली में अनुपूरक बजट पर वाद-विवाद के दौरान भी भाजपा विधायक की उपस्थिति नहीं हो सकी। उनकी अनुपस्थिति में ही चालू वित्तीय वर्ष के 8,399 करोड़ 31 लाख 11 हजार का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पास हो गया। इससे संबंधित झारखंड विनियोग संख्या-3 विधेयक, 2026 भी सदन से पारित हो गया।
आजसू विधायक निर्मल महतो ने विस परिसर में दिया धरना
आजसू विधायक निर्मल महतो ने जेपीएससी एवं जेएसएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ियों की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर विधानसभा मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे। पहले उन्होंने हाथों में नारे लिखे तख्तियां लिए प्रदर्शन किया। इसके बाद वहीं धरने पर लेट गए। उन्होंने कहा कि सरकार एक भी परीक्षा ठीक ढंग से आयोजित नहीं कर सकी है।