झारखंज में पहली बार लगेगा कृषि व्यापार मेला, 50 से अधिक वैज्ञानिक किसानों को सिखाएंगे खेती के गुर
झारखंड में पहली बार 16 से 18 जून 2026 तक रांची में तीन दिवसीय कृषि व्यापार मेले का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री इसका उद्घाटन करेंगे, जहाँ 50 से अधिक विशेषज ...और पढ़ें

HighLights
रांची में पहली बार तीन दिवसीय झारखंड कृषि व्यापार मेला 2026.
मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन, 50 से अधिक कृषि विशेषज्ञ होंगे शामिल.
किसानों को मिलेगी आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी.
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में कृषि परिदृश्य को बदलने और किसानों को आधुनिक तकनीक से लैस करने के उद्देश्य से राज्य में पहली बार तीन दिवसीय झारखंड कृषि व्यापार मेला-2026 का आयोजन किया जा रहा है। 16 से 18 जून तक इसका आयोजन रांची के मोरहाबादी मैदान में होगा। मुख्यमंत्री इसका उद्धाटन करेंगे।
कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीख ने उनसे मुलाकात कर उन्हें झारखंड कृषि व्यापार मेला-2026 के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया।
कृषि मंत्री ने की अधिकारियों के साथ बैठक
मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कृषि सचिव अबुबकर सिद्दीख और निदेशक के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि राज्य के किसानों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का एक जरिया बनेगा।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेले में आने वाले प्रत्येक किसान को नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।
किसानों को मिलेगा विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
मंत्री ने कहा कि इस मेले में देश भर के 50 से अधिक कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विशेषज्ञ शामिल होंगे। मेले के दौरान किसानों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जहां वे सीधे विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे।
मंत्री के अनुसार, कृषि मेले की खासियत यह है कि यह केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कृषि उद्यमियों और व्यापारियों के लिए भी एक बड़ा मंच साबित होगा। मेले में अत्याधुनिक कृषि उपकरणों और अन्य राज्यों में सफल हो रही कृषि पद्धतियों का प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि झारखंड के किसान उन नवाचारों को अपने खेतों में अपना सकें।
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प्रतिदिन होंगे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम
मेले को केवल किसानों तक सीमित न रखकर आम जनमानस से जोड़ने के लिए भी विशेष रणनीति बनाई गई है। मेले में आने वाले आम लोगों को ध्यान में रखकर प्रतिदिन शाम को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोग झारखंड की समृद्ध और जीवंत संस्कृति एवं लोक कला का आनंद ले सकेंगे। किसान नए नवाचारों और शोधों के प्रति जागरूक होंगे।