झारखंड में 13 प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला, दो को राहत; एक पर जारी रहेगी कार्रवाई
झारखंड सरकार ने 13 प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला किया है, जबकि दो अधिकारियों को विभागीय कार्रवाई से राहत मिली है ...और पढ़ें

झारखंड सरकार ने 13 प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला किया है।
HighLights
झारखंड में 13 प्रशासनिक अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला।
दो अधिकारियों को विभागीय कार्रवाई से मिली बड़ी राहत।
एक अधिकारी बैद्यनाथ कामती पर कार्रवाई जारी रहेगी।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य सरकार ने प्रशासनिक सेवा के 13 अधिकारियों का तबादला कर दिया है। झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने इससे संबंधित अधिसूचना भी जारी कर दी है। इससे पहले झारखंड प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को राहत, एक पर हुई कार्रवाई हुई है।
इन लोगों का स्थानांतरण हुआ
- मेनका : संयुक्त निर्वाचन आयुक्त, ग्रामीण विकास विभाग।
- हरिवंश पंडित : निदेशक (प्रशासन), बिरसा कृषि विश्वविद्यालय।
- दिनेश कुमार रंजन : संयुक्त सचिव, पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग।
- मनीष कुमार : परिवहन विभाग में संयुक्त सचिव।
- महेंद्र कुमार : मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, पिछड़ा वर्ग आयोग बनाया गया है।
- मुमताज अंसारी : संयुक्त सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग।
प्रतीक्षारत अधिकारियों की हुई पोस्टिंग
- अजय कुमार तिर्की को उप सचिव, कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग।
- आलोक कुमार को मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड।
- संजीव कुमार लाल को सचिव, राज्य सूचना आयोग।
- धीरज प्रकाश को अवर सचिव, खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग बनाया गया है।
- मनीषा वत्स को अवर सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग।
- बिपिन कुमार दुबे को अवर सचिव, तकनीकी शिक्षा विभाग।
- विनय प्रकाश तिग्गा को अवर सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग।
सचिवालय सेवा के चार कर्मियों का स्थानांतरण
- बिरसा मुंडा बोयपाई : श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग
- अनुज कमार रजक : मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग
- चंदन कुमार : झारखंड राज्य सूचना आयोग
- जयकांत प्रसाद : झारखंड राज्य सूचना आयोग
वहीं सुदेश कुमार वर्मा को संयुक्त सचिव, वाणिज्य कर विभाग बनाया गया है।
प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को राहत, एक पर हुई कार्रवाई
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा में तीन अधिकारियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में दो को तो राहत मिल गई है लेकिन तीसरे के खिलाफ कार्रवाई चलती रहेगी। विभागीय स्तर पर इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
अधिसूचना के अनुसार कर्रा के तत्कालीन अंचल अधिकारी बैद्यनाथ कामती पर आरोप है कि उन्होंने 28 डिसमिल जमीन का अवैध नामांतरण किया है। इसके लिए खूंटी के उपायुक्त के स्तर से रिपोर्ट कार्मिक विभाग को भेजी गई थी। कामती के खिलाफ विभागीय कार्यवाही जारी रखने का निर्देश दिया गया है।
दूसरी ओर, गुमला के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय पीएम कुजूर को हाई कोर्ट से मिली राहत के आधार पर कार्रवाई से मुक्त करने का निर्णय लिया गया है। उन पर असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर लगी रोक को भी हटा लिया गया है। एक अन्य मामले में जामताड़ा के तत्कालीन उप विकास आयुक्त निरंजन कुमार के खिलाफ कार्यवाही को रोक दिया गया है।
उनपर अधीनस्थ कर्मियों को प्रताड़ित करने का आरोप था जो कि आयुक्त स्तर से हुई जांच में निराधार पाया गया। इसके बाद कुमार को चेतावनी देते हुए उनके खिलाफ संचालित कार्यवाही को समाप्त कर दिया गया है।
