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    JPSC आंदोलन: छात्रों के समर्थन में विधायक जयराम महतो का निर्जला व्रत, विधानसभा परिसर में धरने पर बैठे

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 09:59 AM (IST)

    JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों के 16 दिवसीय आंदोलन के समर्थन में विधायक जयराम महतो ने रांची विधानसभा परिसर में निर्जला अनशन शुरू क ...और पढ़ें

    HighLights

    1. छात्र 16 दिनों से JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ आंदोलनरत।

    2. जयराम महतो ने छात्रों के समर्थन में निर्जला अनशन शुरू किया।

    3. सरकारी समिति से छात्रों की वार्ता बेनतीजा रही।

    डिजिटल डेस्क, रांची। JPSC और JSSC समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्र 16 दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से उनकी मांगें नहीं मानी गई हैं।

    इसी के चलते डुमरी से विधायक और JLKM नेता जयराम महतो विधानसभा परिसर के बाहर एकदिवसीय अनशन पर बैठ गए हैं। इस दौरान वह पानी भी नहीं पियेंगे। जयराम महतो ने सभी वर्गों से अनशन की अपील की है।

    उन्होंने कहा कि झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं सामने आई हैं। इसमें सीटों से बेचने, घर पर आंसर सीट लिखना और OMR सीट खाली छोड़कर बाद में भरा जाने जैसी धांधली शामिल हैं।

    उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने स्तर पर अपना समर्थन करें। उन्होंने कहा कि मजदूर, वकील, व्यवसायी और किसान आदि से जुड़े संगठन कुछ समय के लिए छात्रों के समर्थन में कार्यक्रम या अनशन करें।

    अपने की छात्र संगठनों से बात कर रही सरकार

    विधायक जराराम महतो ने कहा कि सरकार उन छात्र संगठनों से वार्ता कर रही है, जो उनके गठबंधन से ही संबंधित है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज होने वाली बैठक में कुछ सकारात्मक परिणाम निकलेंगे। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त को विधानसभा मार्च होगा। जिसके लिए सभी छात्र संगठनों से सहयोग करने की अपील की है।

    विधायक जयराम महतो आज सुबह 6 बजे से पुराना विधानसभा में निर्जला उपवास पर बैठे हैं, जो 24 घंटे चलेगा और वहीं से कल वह विधानसभा मार्च के लिए निकलेंगे।

    सरकार को बनकाब होने का डर

    उन्होंने कहा कि सरकार को अच्छी तरह पता है कि दोषी कौन हैं। यह कोई मामूली मुद्दा नहीं है। लाखों में सीटें बेची जा रही हैं। इसलिए इसकी संभावना कम है कि कोई अधिकारी या आम आदमी अकेले इतनी बड़ी रकम हड़प सकता है। इसमें ताकतवर लोग शामिल हैं और सरकार को डर है कि कहीं वे पर्दे के पीछे से बेनकाब न हो जाएं।

    महतो ने कहा कि विधानसभा के सदस्य के तौर पर उन्हें लगता है कि उनकी भागीदारी और इस भूख हड़ताल से कुछ अतिरिक्त दबाव बन सकता है, भले ही वह सिर्फ़ 1% ही क्यों न हो। उन्होंने मांग की है कि मामले की CBI जांच होनी चाहिए और मुख्यमंत्री को छात्रों से सीधे बातचीत करनी चाहिए।

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    अब तक नहीं पूरी हुई मांगें 

    पार्टी के एक और नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई दिनों से अनशन पर हैं। शनिवार को हेमंत सोरेन सरकार द्वारा गठित 5 सदस्यीय मंत्री स्तरीय समिति और आंदोलनकारी छात्र संगठनों के बीच बातचीत भी हुई थी, लेकिन वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रहा।

    सरकार से कोई ठोस समाधान न मिलने पर प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सभी शर्तें स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा।

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