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    जमशेदपुर अलकतरा घोटाला: कंपनी निदेशक को 3 साल की जेल, 2.08 करोड़ के फर्जीवाड़े पर फैसला

    Updated: Sat, 04 Jul 2026 07:55 PM (IST)

    सीबीआई की विशेष अदालत ने जमशेदपुर अलकतरा घोटाला मामले में क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन के निदेशक दिलीप कुमार सिंह को तीन साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. निदेशक दिलीप कुमार सिंह को तीन साल की सश्रम कारावास।

    2. 2.08 करोड़ रुपये का अलकतरा घोटाला, फर्जी आपूर्ति का मामला।

    3. तत्कालीन जूनियर इंजीनियर सुरेश शर्मा साक्ष्य के अभाव में बरी।

    राज्य ब्यूरो, रांची। सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत ने चक्रधरपुर-खरसावां सड़क निर्माण परियोजना में हुए अलकतरा घोटाला मामले में शनिवार को फैसला सुना दिया है। 
     
    सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने इस मामले में क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दिलीप कुमार सिंह को दोषी करार दिया है। 
     
    कोर्ट ने उन्हें तीन वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न चुकाने पर उन्हें चार महीने की अतिरिक्त साधारण जेल काटनी होगी। 
     
    वहीं, दूसरी ओर इसी मामले में ट्रायल का सामना कर रहे तत्कालीन जूनियर इंजीनियर (JE) सुरेश शर्मा को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया।
     

    क्या था पूरा मामला? 

    यह पूरा घोटाला रोड कंस्ट्रक्शन डिवीजन (पथ निर्माण विभाग), जमशेदपुर के अंतर्गत चक्रधरपुर-खरसावां सड़क निर्माण कार्य से जुड़ा हुआ है। 

    •     अवैध निकासी: कंपनी पर आरोप था कि उसने बिना अलकतरा मंगाए ही 607.39 मीट्रिक टन अलकतरा की फर्जी आपूर्ति दिखाई। 
    •     फर्जी चालान: इस हेरफेर के लिए कुल 47 फर्जी चालान तैयार किए गए थे।
    •     घोटाले की रकम: इन जाली दस्तावेजों के आधार पर विभाग से 2.08 करोड़ की अवैध निकासी कर ली गई थी।


    जांच और सुनवाई का सफर 

    इस बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा तत्कालीन कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) विनोद कुमार ने किया था। उनकी लिखित शिकायत के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले को अपने हाथ में लिया। 
     
    जांच में आरोप सही पाए जाने पर 16 फरवरी 2010 को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। इस मामले की लंबी सुनवाई के दौरान आरोपी कंपनी के प्रबंध निदेशक पवन कुमार सिंह और तत्कालीन सहायक अभियंता (AE) अनिल कुमार वर्मा का निधन हो चुका है। 
     
    शनिवार को हुई अंतिम सुनवाई में सीबीआई की ओर से लोक अभियोजक खुशबू जायसवाल ने पैरवी की।

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