निकाह से पहले प्रेमी संग फरार हुई दुल्हन, शादी टूटने के सदमे में रांची के नफीस ने दी जान
रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र के इरबा गांव में 28 वर्षीय नफीस अहमद ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है और मामले ...और पढ़ें

मंगनी टूटने से तनाव में था युवक, पुलिस जांच जारी।
HighLights
शादी टूटने के दर्द ने छीनी जिंदगी; पुलिस जांच में जुटी।
कमरे में फंदे से लटका मिला शव, सुसाइड नोट बरामद।
संवाद सूत्र, ओरमांझी(रांची)। रांची जिले के ओरमांझी थाना क्षेत्र के इरबा में निकाह से पहले दुल्हन के प्रेमी के साथ फरार हो जाने से आहत एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
मृतक की पहचान इरबा निवासी 26 वर्षीय नफीस अहमद के रूप में हुई है। वह रांची के रोस्पा टावर स्थित गणपति शॉप में कार्यरत था। परिवार मूल रूप से सांडी गांव का रहने वाला है, लेकिन वर्तमान में इरबा में अपना मकान बनाकर रह रहा है।
बताया गया कि नफीस सोमवार रात करीब नौ बजे जमशेदपुर से घर लौटा था। भोजन करने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। मंगलवार सुबह स्वजन ने कमरे का दरवाजा खोला तो वह पंखे की कुंडी से लटका मिला।
सूचना मिलते ही ओरमांझी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नफीस का निकाह अनगड़ा प्रखंड के राजाडेरा निवासी एक युवती से तय हुआ था और शादी की तैयारियां चल रही थीं।
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इसी बीच युवती अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। इस घटना से नफीस गहरे मानसिक आघात में था। पुलिस को कमरे से मिले सुसाइड नोट में भी शादी टूटने और युवती के किसी अन्य व्यक्ति के साथ चले जाने का उल्लेख मिला है।
माना जा रहा है कि इसी सदमे में उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना की जानकारी मिलने पर युवती के पिता भी मृतक के घर पहुंचे और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। ओरमांझी थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि सुसाइड नोट, परिजनों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तनाव में हों तो यहां लें मदद
मानसिक तनाव, अवसाद या किसी भी तरह के आघात की स्थिति में आत्मघाती कदम उठाना किसी समस्या का समाधान नहीं है। ऐसे कठिन समय में अपने दोस्तों, परिवार या विशेषज्ञों से बात करना बेहद जरूरी है। जीवन अमूल्य है, इसे जीने के लिए कई रास्ते हैं।
वक्त कैसा भी गुजर जाता है। हौसला बनाए रखना जरूरी है। अगर आप या आपका कोई जानने वाला इस तरह के दौर से गुजर रहा है, तो आप नीचे दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर निःशुल्क और गोपनीय परामर्श प्राप्त कर सकते हैं:
- टेली-मानस (भारत सरकार की हेल्पलाइन): 14416 या 1800-891-4416
- किरण (केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय): 1800-599-0019
- स्नेहा फाउंडेशन: +91-44-24640050
- वंद्रेवाला फाउंडेशन: +91-9999666555
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