Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ranchi में बहुचर्चित जमीन घोटाला प्रकरण में ED के संदिग्ध कृष्ण कांत सिन्हा ने की खुदकुशी, पंखे से लटककर दी जान

    Updated: Thu, 09 May 2024 02:01 PM (IST)

    Ranchi Land Scam रांची में बहुचर्चित जमीन घोटाला मामले में ईडी के संदिग्‍ध कृष्‍ण कांत सिन्‍हा ने फांसी के फंंदे से लटककर अपनी जान दे दी है। उन्‍होंन ...और पढ़ें

    रांची में बहुचर्चित जमीन घोटाला प्रकरण में ED के संदिग्ध कृष्ण कांत सिन्हा ने की खुदकुशी
    रांची में बहुचर्चित जमीन घोटाला प्रकरण में ED के संदिग्ध कृष्ण कांत सिन्हा ने की खुदकुशी

    राज्‍य ब्‍यूरो, जागरण। Ranchi Land Scam : रांची में बहुचर्चित जमीन घोटाला प्रकरण में ईडी के संदिग्ध कृष्ण कांत सिन्हा ने खुदकुशी कर ली है। उन्‍होंने घर में पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। कृष्ण कांत सिन्हा (56) रांची के लालपुर स्थित 68 नवीन मित्रा रोड के रहने वाले हैं।

    हेमंत सोरेन के केस में होनी थी पूछताछ

    पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से संबंधित सदर थाना के केस में ईडी ने पूछताछ के लिए उन्‍हें समन किया था। कृष्ण कांत सिन्हा को जांच में ईडी ने झामुमो नेता अंतु तिर्की, इरशाद अख्तर, विपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय ग्रुप का सदस्य पाकर समन किया था।

    ईडी के समन के बाद से तनाव में थे कृष्‍ण कांत

    ईडी के समन के बाद से ही कृष्‍ण कांत तनाव में थे। स्वजनों की माने तो वह ट्रेडिंग के धंधे से जुड़े थे। जमीन घोटाले से उनका कोई लेना-देना नहीं था। 

    स्वजनोंं के अनुसार, गुरुवार की सुबह 9.30 बजे तक सब ठीक था। इसके बाद कृष्ण कांत अपने कमरे में चले गए। कुछ देर बाद स्वजनों उन्हें देखने गए तो दरवाजा अंदर से बंद था।

    आवाज देने पर भी जब कमरे से कोई आवाज नहीं आयी तो स्वजनों को आशंका हुई। इसके बाद खिड़की से देखा तो कृष्ण कांत अपने कमरे में फांसी लगा चुके थे। यह घटना रांची के लालपुर के 68 नवीन मित्रा लेन के सिल्वर डेल अपार्टमेंट में घटी है।

    खबरें और भी

    ये भी पढ़ें:

    मंत्री आलम के निजी सचिव संजीव लाल की पत्नी रीता लाल पहुंची ED ऑफिस, आमने-सामने बैठाकर की जा रही पूछताछ

    ED की कार्रवाई से आलमगीर पर गिरा मुसीबतों का पहाड़, अब गठबंधन के प्रचार अभियान से भी रखे जाएंगे दूर