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    गढ़वा में ड्रग इंस्पेक्टर ने दवा दुकानों का किया औचक निरीक्षण, मचा हड़कंप; दवाओं का लिया सैंपल

    Updated: Sun, 07 Dec 2025 08:29 PM (IST)

    गढ़वा जिले के भवनाथपुर में ड्रग इंस्पेक्टर ने औषधि नियंत्रण अभियान के तहत दवा दुकानों का निरीक्षण किया। अमृत मेडिकल एजेंसी और सद्भावना अस्पताल में दवा ...और पढ़ें

    दुकानों का निरीक्षण करते ड्रग इंस्पेक्टर। (जागरण)

    दुकानों का निरीक्षण करते ड्रग इंस्पेक्टर। (जागरण)

    HighLights

    1. दवा दुकानों पर ड्रग इंस्पेक्टर का निरीक्षण

    2. दवाओं के नमूने लिए गए

    3. अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई की मांग

    संवाद सूत्र, भवनाथपुर (गढ़वा)। गढ़वा जिले में चल रहे औषधि नियंत्रण अभियान के तहत रविवार को भवनाथपुर में ड्रग इंस्पेक्टर कैलाश मुंडा ने औचक निरीक्षण किया।

    इस दौरान टीम ने अमृत मेडिकल एजेंसी और सद्भावना अस्पताल के मेडिसिन काउंटर पर दवाओं की गुणवत्ता, बिल, स्टाक रजिस्टर और अन्य अनिवार्य दस्तावेजों की गहन जांच की। अभियान में भवनाथपुर थाना के पुलिस इंस्पेक्टर गुलाब सिंह, एसआई परवेज आलम, एएसआई उपेंद्र राम सहित पुलिस बल शामिल थे।

    निरीक्षण के दौरान दवाओं के सैंपल लिए गए, वहीं दुकानों से संबंधित खरीद-बिक्री रजिस्टर, लाइसेंस, दवा भंडारण स्थिति और आवश्यक कागजातों की भी पड़ताल की गई। कई बिंदुओं पर दस्तावेज अधूरे पाए जाने की सूचना है।

    हालांकि, पूछे जाने पर ड्रग इंस्पेक्टर कैलाश मुंडा ने किसी भी टिप्पणी से इनकार करते हुए कहा कि यह जांच कोर्ट के आदेश पर की जा रही है और इसकी पूरी रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाएगी।

    उन्होंने बताया कि ऐसे निरीक्षण अभियान पूरे सभी जिले में चलाए जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और मानक दवाइयां उपलब्ध कराना है।

    इधर ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा औचक निरीक्षण की जानकारी मिलते ही भवनाथपुर बाजार में हड़कंप मच गया। बाजार की एक तिहाई से अधिक दवा दुकान, पैथोलॉजी लैब, नर्सिंग होम, वैध-अवैध क्लीनिक और कई बिना रजिस्ट्रेशन संचालित दुकानों ने फौरन शटर गिराकर दुकान बंद कर दी।

    निरीक्षण टीक के दो घंटे के बाद भवनाथपुर से श्री बंशीधर नगर की दिशा में निकलते ही अधिकांश दुकानदारों ने पुनः अपनी दुकानें खोल लीं।

    स्थानीय लोगों ने कहा कि बिना लाइसेंस और मानक के विपरीत चल रहे कई क्लिनिक व लैब लंबे समय से सक्रिय हैं, जिन पर कार्रवाई की जरूरत है। वहीं प्रशासन का कहना है कि अभियान के दौरान बिना लाइसेंस, एक्सपायर्ड दवा, बिना बिल की खरीद या स्टोरेज अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

    अचानक हुई जांच से क्षेत्र में भय और सतर्कता दोनों का माहौल देखा गया। आम लोग उम्मीद जता रहे हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े ऐसे निरीक्षण लगातार हों, ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगे और मरीजों को सुरक्षित चिकित्सा सुविधा मिल सके।

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