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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand Politics : महागठबंधन के लिए चुनौती बनी नेताओं की आपसी सिर फुटव्वल, क्या होगा अगला प्लान?

    Updated: Tue, 23 Apr 2024 02:58 PM (IST)

    कांग्रेस का गठबंधन दलों के साथ टिकट बंटवारे को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया है। रविवार को हुई मारपीट में चतरा संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार ब ...और पढ़ें

    Jharkhand Politics : महागठबंधन के लिए चुनौती बनी नेताओं की आपसी सिर फुटव्वल, क्या होगा अगला प्लान? (फाइल फोटो)
    Jharkhand Politics : महागठबंधन के लिए चुनौती बनी नेताओं की आपसी सिर फुटव्वल, क्या होगा अगला प्लान? (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. मारपीट से बचने के लिए नेताओं को निर्देश दे रहे महागठबंधन के दल
    2. इंडी गठबंधन की रैली में कांग्रेस-राजद कार्यकर्ताओं में हुई थी मारपीट

    राज्य ब्यूरो, रांची। कांग्रेस का गठबंधन दलों के साथ टिकट बंटवारे को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया है। रविवार को हुई मारपीट में चतरा संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए गए केएन त्रिपाठी के भाई का सिर फोड़ दिया गया।

    ऐसी लड़ाइयां आगे भी जारी रह सकती है और जहां भी सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों दलों में विवाद था, वहां मारपीट की नौबत बनी हुई है। कांग्रेस का एक वर्ग इस पिटाई से आहत है और कभी भी बदले की कार्रवाई कर सकता है। दोनों दलों के लिए यह तनातनी चुनौती की बात बनी हुई है।

    रैली के दौरान कांग्रेस-राजद कार्यकर्ताओं में हुई मारपीट

    कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस मामले को तूल नहीं देना चाह रहा है। पार्टी जनता के बीच कोई ऐसा संदेश नहीं देना चाहती, जिससे गठबंधन कमजोर लगे। कांग्रेस यह भी जानती है कि इस लड़ाई को तूल देने का मतलब अभी तो नुकसान होगा ही विधानसभा चुनाव में भी नुकसान होगा।

    रांची में रविवार को आयोजित आइएनडीआइए की रैली के दौरान सभास्थल पर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट की घटना से जहां दोनों दलों की भद पिटी, वहीं सीट शेयरिंग में महागठबंधन के दलों की खींचतान भी खुलकर सामने आ गई।

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    कांग्रेस, राजद और झामुमो के नेताओं के सामने अभी कई सीटों पर घोषित प्रत्याशियों के विरोध को थामने और अंसतुष्ट नेताओं को मनाने की कसरत हो रही है। बागी नेताओं और भितरघात को संभालना इन दलों के लिए कुछ सीटों पर चुनौती साबित हो सकती है।

    पार्टी के अंदर विरोध को लेकर कांग्रेस ने एक सीट पर बदले प्रत्याशी 

    लोहरदगा में बगावत होने की संभावना प्रबल हो गई है और वहां से झामुमो के विधायक चमरा लिंडा चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुके हैं। पार्टी के निर्देश की अवहेलना करते हुए वह चुनाव लड़ेंगे। यहां पर उनकी उम्मीदवारी से इस तरह के एक-दो उम्मीदवार और भी मैदान में आ सकते हैं।

    ऐसे उम्मीदवारों को संभालने में कहीं-कहीं कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की नौबत आन पड़ती है। इसके पूर्व गोड्डा में पार्टी के अंदर ही प्रत्याशी के विरोध को देखते हुए रविवार को कांग्रेस ने वहां उम्मीदवार बदल दिया। लेकिन, मामला वहां भी शांत नहीं हुआ है।

    विधायक डा. इरफान अंसारी अभी भी मोर्चा खोले हुए हैं। उन्होंने केंद्रीय स्तर के नेताओं तक शिकायत पहुंचाई है। यह कहने से भी गुरेज नहीं कर रहे कि कांग्रेस का उम्मीदवार कमजोर है और चुनाव हार जाएंगे। इन विवादों को रोकने के लिए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी लगातार मशक्कत कर रहे हैं।

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