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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand: चतरा में रेंजर ने जंगल की 2 एकड़ जमीन पत्नी के नाम कराई, मुख्य सचिव के पास पहुंची शिकायत

Updated: Tue, 11 Feb 2025 11:30 PM (IST)

चतरा जिले के हंटरगंज में तैनात रेंजर सूर्यभूषण कुमार ने अपनी पत्नी के नाम दो एकड़ जंगल भूमि निबंधित कराई है जो सरकारी दस्तावेजों में जंगल के रूप में द ...और पढ़ें

चतरा में रेंजर ने जंगल की 2 एकड़ जमीन पत्नी के नाम कराई (सांकेतिक तस्वीर)
चतरा में रेंजर ने जंगल की 2 एकड़ जमीन पत्नी के नाम कराई (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. मुख्य सचिव से हुई शिकायत के बाद विभाग में मचा हड़कंप
  2. जंगल क्षेत्र में शामिल दो एकड़ जमीन की कराई रजिस्ट्री
  3. चतरा जिला के हंटरगंज वन क्षेत्र के अंदर का है मामला

राज्य ब्यूरो, रांची। चतरा जिला के हंटरगंज में पदस्थापित रेंजर सूर्यभूषण कुमार ने अपने ही कार्यक्षेत्र में दो एकड़ जंगल भूमि को महज दो लाख रुपये में अपनी पत्नी पार्वती कुमारी के नाम निबंधित करा लिया है। रेंजर ने जंगल किस्म की जमीन को रैयती बताते हुए निबंधित कराया है।

मामले में राजस्व विभाग से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार जमीन का किस्म जंगल है। मुख्य सचिव से की गई शिकायत के बाद विभाग रेस हुआ है और जांच की प्रक्रिया शुरू हुई है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, रेंजर सूर्यभूषण कुमार ने अपनी पत्नी पार्वती कुमारी के नाम पर जो दो एकड़ जमीन खरीदी है वह हंटरगंज प्रखंड के मौजा डाहा, परगना दंतार थाना के अंतर्गत खाता संख्या 61 के अधीन प्लॉट संख्या 320 है। इस जमीन की खरीदारी सरदार यशवंत सिंह (पिता-स्व.रामविलास सिंह) एवं सरदार अजीत सिंह (पिता-स्व.गिरिजीनंदन सिंह) से की गई है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अभिलेख में इस जमीन का किस्म जंगल दर्ज है। इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने रेंजर सूर्यभूषण कुमार पर गलत तरीके से संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उनके कार्यकाल में इसे तरह के कई और भी मामले हो सकते हैं जिसकी जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से कराई जाए।

सात साल पहले हुई है रिजस्ट्री

वर्णित भूखंड की रजिस्ट्री तीन सितंबर 2018 को हुई है। बिहार की राजधानी पटना के कुम्हरार में रहनेवाले सूर्यभूषण कुमार ने जमीन का निबंधन कराने के वक्त इस जमीन को कृषि कार्य के लिए उपयोगी बताया गया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को लिखा गया है।

वन विभाग के सचिव अबू बक्कर सिद्दीख पी. जल्द ही जांच कराकर मुख्य सचिव को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। शिकायतकर्ता शनिकांत के अनुसार आरोपों की गहनता से जांच हो तो कई और लोग भी इस मामले में कानून की गिरफ्त में आएंगे।

खतियान में दर्ज है जंगल, रकबा है 70 एकड़

सरकारी दस्तावेजों में 320 नंबर प्लॉट जंगल के रूप में दर्ज है। इसका रकबा 70 एकड़ है और इसी में से दो एकड़ खरीदने का आरोप लगाया गया है। इसके पूर्व भी अगस्त 2024 में चतरा के जयद्रथ सिंह ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी थी।

इसके बाद पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने मुख्य वन संरक्षक को जांच कर कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा था।

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