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झारखंड में CBI जांच पर उठते सवाल: बकोरिया मुठभेड़ से छात्र मौत तक, क्या रहा एजेंसी का नतीजा?

Published: Sun, 06 Sep 2026 08:00 AM (IST)Updated: Sun, 06 Sep 2026 02:20 PM (IST)

झारखंड में सीबीआई ने कई संवेदनशील मामलों की जांच की है, जिनमें कुछ में सफल खुलासे हुए तो कुछ में ...और पढ़ें

बीटेक छात्रा हत्याकांड का किया सफल खुलासा, छात्र विनय महतो की मौत को दुर्घटना बता दी क्लोजर रिपोर्ट।

बीटेक छात्रा हत्याकांड का किया सफल खुलासा, छात्र विनय महतो की मौत को दुर्घटना बता दी क्लोजर रिपोर्ट।

HighLights

  1. बीटेक छात्रा हत्याकांड का सीबीआई ने किया सफल खुलासा।

  2. विनय महतो की मौत को सीबीआई ने बताया दुर्घटना।

  3. बकोरिया मुठभेड़ में सीबीआई ने पुलिस जांच पर मुहर लगाई।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में सभी संवेदनशील कांडों की जांच सीबीआई से कराने की उठती रही है। पहले जिलों के कोषागार से अवैध तरीके से वेतन निकासी का मामला और अब जेपीएससी, जेएसएससी की परीक्षाओं में भर्ती घोटाला मामले की जांच सीबीआई से कराने को लेकर राज्य में विपक्ष मुखर है। ऐसे में यह जानना रोचक होगी कि एजेंसी ने झारखंड में किस तरह का रिजल्ट दिया है।

झारखंड में सीबीआई पहले भी सनसनीखेज मामलों की जांच कर चुकी है। किसी मामले का सौ प्रतिशत खुलासा किया तो कई ऐसे मामले हैं, जिनकी सीबीआई जांच से उनके स्वजन संतुष्ट नहीं हो सके और सीबीआई जांच पर सवाल उठाने लगे।

बहुचर्चित पलामू के सतबरवा स्थित बकोरिया में मुठभेड़ मामले में झारखंड पुलिस की जांच पर ही सीबीआई ने मुहर लगाई तो मारे गए कथित माओवादियों के स्वजनों ने सीबीआई जांच पर सवाल उठाया।

इतना ही नहीं, रांची के तुपुदाना ओपी क्षेत्र स्थित सफायर इंटरनेशनल स्कूल में छात्र विनय महतो हत्याकांड में जब रांची पुलिस की थ्योरी कोर्ट में नहीं टिकी तो स्वजन के आग्रह पर जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी गई। एजेंसी ने जांच के बाद कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दे दी है।

सीबीआई ने कोर्ट को बताया है कि विनय महतो की मौत के पीछे की वजह हत्या नहीं बल्कि दुर्घटना थी। अब विनय महतो के स्वजन सीबीआइ की जांच पर सवाल उठाने लगे हैं। रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में डीपीएस के छात्र अंतरिक्ष शनिग्रही की मौत के मामले की जांच कर रही सीबीआइ अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।

ताजा मामला बोकारो के पिंडराजोरा का है, जहां करीब साढ़े पांच साल पहले लापता छात्रा को खोजने का जिम्मा अब सीबीआई को मिला है। सीबीआइ की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने केस दर्ज कर पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

कुछ प्रमुख मामले, जिसकी सीबीआई को मिली थी जांच

  • छात्र अंतरिक्ष शनिग्रही की संदिग्ध मौत का मामला : रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में 25 जुलाई 2016 को डीपीएस के छात्र अंतरिक्ष शनिग्रही की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। अरगोड़ा थाने की पुलिस ने उसकी मौत का कारण दुर्घटना में होना बताया था। छात्र की मां के आग्रह व तर्क पर हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच का आदेश दिया। सीबीआई पटना ने फरवरी 2021 में प्राथमिकी दर्ज की, लेकिन अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
  • छात्र विनय महतो की संदिग्ध मौत का मामला : पांच फरवरी 2016 को सफायर इंटरनेशनल स्कूल में छात्र विनय महतो की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। रांची पुलिस ने जांच में हत्या का मामला पाया और स्कूल की शिक्षिका व उनके बच्चों को जेल भेजा। वैज्ञानिक जांच में उन्हें बेल मिल गई। तब छात्र के पिता मनबहाल महतो के आग्रह पर झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के बाद जुलाई 2022 में सीबीआइ ने केस अपने हाथ में ली थी। जून 2026 में सीबीआई ने दुर्घटना मानते हुए केस में क्लोजर रिपोर्ट दे दी है।
  • बीटेक की छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला : रांची के सदर थाना क्षेत्र में बूटी बस्ती में 15 दिसंबर 2016 की रात दुष्कर्म के बाद बीटेक की छात्रा की हत्या कर शव को जलाने के मामले में रांची पुलिस ने तमाम कोशिशों के बावजूद केस की गुत्थी नहीं सुलझा सकी तो मामला सीबीआई के पास पहुंचा। सीबीआइ ने तकनीकी साक्ष्य, वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर आरोपित को पकड़ा। यह सीबीआई का सबसे सफल अनुसंधान था, जिसमें आरोपित को निचली अदालत से फांसी की सजा हुई थी जो अब उम्र कैद में बदल गई है।
  • बकोरिया मुठभेड़ केस : झारखंड के पलामू जिले के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया गांव में 8 जून 2015 को हुई एक विवादित मुठभेड़ में झारखंड पुलिस ने 12 माओवादियों को मारने का दावा किया था। मारे गए लोगों के स्वजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताया था, जबकि पुलिस की जांच में मुठभेड़ का मामला सही निकला था। स्वजनों के आग्रह पर झारखंड हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच का आदेश दिया था। सीबीआई ने भी जांच में झारखंड पुलिस की जांच को सही पाया और उसपर मुहर लगा दी कि मामला मुठभेड़ का था और सभी माओवादी थे।
  • ईडी के अधिकारियों पर मारपीट करने से जुड़े दो मामले : ईडी के अधिकारियों के विरुद्ध मारपीट से जुड़े दो अलग-अलग मामलों की जांच की जिम्मेदारी भी सीबीआई के पास है। एक मामला साहिबगंज में अवैध पत्थर खनन मामले के गवाह के मुकरने तथा ईडी के अधिकारियों पर मारपीट करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराने का है तो दूसरा मामला सरकारी खाते से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी के आरोपित से ईडी कार्यालय में कथित मारपीट से जुड़ा मामला है। दोनों ही मामले की जांच सीबीआई कर रही है।

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