जमशेदपुर हिमांशु हत्याकांड: भाजपा ने की सीबीआई जांच की मांग, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा ने जमशेदपुर के हिमांशु सिंह हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने पुलिस पर मामले को भटकाने और नीरज सिं ...और पढ़ें

जमशेदपुर में पुलिस के सामने हुए घटना में नीरज सिंह की गिरफ्तारी को भाजपा ने बताया साजिश।
HighLights
भाजपा ने राज्यपाल को हिमांशु सिंह हत्याकांड की सीबीआई जांच हेतु ज्ञापन सौंपा।
पार्टी ने पुलिस पर नीरज सिंह को फंसाने और मामले को भटकाने का आरोप लगाया।
जमशेदपुर में पुलिस की मौजूदगी में हुई थी करणी सेना से जुड़े युवक की हत्या।
राज्य ब्यूरो, रांची। जमशेदपुर में हुए हिमांशु सिंह की हत्या की जांच सीबीआइ से कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को लोकभवन में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।
राज्यपाल को दिए पत्र में भाजपा ने लिखा है कि 27 जून, 2026 को जमशेदपुर के आदित्यपुर इलाके में पुलिस की उपस्थिति में पीसीआर वैन से बाहर खींचकर करणी सेना संगठन से जुड़े हिमांशु सिंह नामक एक युवक की अपराधियों ने हत्या कर दी है।
जबकि इसी घटना में प्रत्युष सिंह नामक एक अन्य युवक कोलकाता में जिन्दगी और मौत से जूझ रहा है। पत्र में लिखा है कि पुलिस की मौजूदगी में किसी युवक की निर्मम हत्या होना राज्य सरकार की ध्वस्त हो चुकी कानून-व्यवस्था का सबसे भयावह उदाहरण है।
इस प्रकार की घटना के अधिकांश मामलों में जांच को दूसरी दिशा देकर मामले को डायवर्ट करने का पुलिस का स्वभाव बन चुका है। जमशेदपुर मामले में भी इसी की पुनरावृत्ति की जा रही है। इस मामले में सारी सरकारी योग्यता पूरी करने वाले एक डीडी बार संचालक नीरज सिंह को बेवजह फंसाने का काम किया जा रहा है।
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पुलिस इस मामले में घटना के समय मौजूद पुलिसकर्मियों को बचाने का काम कर रही है। पुलिस द्वारा निर्दोष नीरज सिंह को गिरफ्तार किया गया, उसकी दो-दो गाड़ियों को सीज किया गया। नीरज सिंह की पत्नी और बेटी को पुलिस द्वारा प्रताड़ित भी किया गया।
पुलिस का यह रवैया निष्पक्षता पर बड़ा सवाल है। घटना के समय बार संचालक जब मौके पर मौजूद ही नहीं थे फिर एक मनगढ़ंत कहानी बनाकर केस को दूसरी दिशा देकर क्यों भटकाया जा रहा है ।भाजपा की मांग है कि इस जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सीबीआइ को दी जाए।