विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

JPSC-JSSC घोटाले के बिहार कनेक्शन जोड़ने पर पर बवाल, भाजपा नेता बाबूलाल ने झामुमो पर बोला हमला

Published: Tue, 08 Sep 2026 03:32 PM (IST)

बाबूलाल मरांडी ने जेएमएम के 'बिहार कनेक्शन' के आरोप पर पलटवार किया। दोषियों को बचाने और बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए कई नाम उजागर किए।

जेपीएससी-जेएसएससी घोटाले का असली मास्टरमाइंड पर बाबूलाल ने उठाय सवाल।

जेपीएससी-जेएसएससी घोटाले का असली मास्टरमाइंड पर बाबूलाल ने उठाय सवाल।

HighLights

  1. मरांडी ने 'बिहार कनेक्शन' के आरोप को सिरे से खारिज किया।

  2. बड़े अधिकारियों को बचाने और कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए।

राज्य ब्यराे, रांची। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने जेएमएम के आधिकारिक हैंडल द्वारा जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा घोटाले में ‘बिहार कनेक्शन’ का आरोप लगाने पर तीखा हमला बोला है।

मरांडी ने कहा कि दोषियों का नाम बिहार से जोड़कर पूरे राज्य को बदनाम नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा- घोटालेबाज अभय तिवारी देवघर का है तो क्या देवभूमि झारखंड दोषी हो गया क्या। यह पार्टी की मानसिकता सही नहीं है।

babulal share

(नेता प्रतिपक्ष ने इसे शेयर करने हुए लिखा है।)

मरांडी ने अपने ट्वीट में लिखा- “बिहार कनेक्शन? क्या बिहार जैसे समृद्ध ऐतिहासिक विरासत समेटे राज्य को अपराधियों और अपने अपराध कृत्य के लिए आप बदनाम नहीं कर रहे हैं। ऐसी बातें आपके जेहन में आती कैसे हैं?

झारखंड की देवभूमि देवघर का अभय तिवारी जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में अनियमितता का मास्टरमाइंड निकला तो उसका गुनाह का बदला देवघर से लेंगे, गिरिडीह के आपके जिलाध्यक्ष का नौकरी में वसूली का ऑडियो वायरल है, क्या उसकी जिम्मेदारी पूरे गिरिडीह और झामुमो की है।

ये जो सुप्रियो दादा की पत्नी का नाम वसूली में आया और उनके पीएस की गिरफ्तारी हुई तो आपकी पार्टी और पूरी रांची गुनहगार होगी क्या? पलामू के रवि मास्टर, हजारीबाग का लालू यादव, बोकारो का सानंद प्रकाश समेत कई लोग सीआईडी की रडार पर हैं। क्या उनके जिले के लोगों का भी ऐसे ही कनेक्शन लिखयेगा?

हां कनेक्शन क्या होता है जानिए... जेएससीए में नौकरी के लिए एल ख्यांगते को किसने जेपीएससी का अध्यक्ष बनाया? जेएसएससी में पेपर लीक हुआ, नीरज सिन्हा को किसने जेएसएससी का अध्यक्ष बनाया था? विनोद सिंह का कनेक्शन कहां से है?

अनुराग गुप्ता को किसने रिटायरमेंट के बाद डीजीपी बनाया, ताकि सीजीएल पेपर लीक की जांच को मोड़ा जा सके? सुनिये सारे जवाब तलाशेंगे तो जवाब एक मिलेगा: रांची कनेक्शन।

आखिर सीआईडी की जांच को गलत दिशा में मोड़ने वाले, नौकरी बेचने के बाद इसकी जांच में घोटाला करने वाले नीरज सिन्हा पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? सुधीर गुप्ता आज भी अपने पद पर बने हुए हैं। प्रशांत कुमार के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

वहीं अनुराग गुप्ता के एक-एक कारनामे लगातार सामने आ रहे हैं। वे एसीबी से दस्तावेज लेकर भाग गए। एसीबी के कंप्यूटर का डाटा सब निकाल कर ले गये। मनमाने तरीके से बड़ी मछलियों को बचाने के लिये पहले शराब घोटाले और फिर जेएसएससी घोटाले के साक्ष्य नष्ट किये और कराये। जमकर वसूली की। लेकिन लूट का पूरा माल ऊपर नहीं पहुंचा तो उसे हटा दिये। आखिर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई?”

बता दें कि नेताप्रतिपक्ष पहले भी ऐसे आरोप लगाते रहे हैं। झामुमो का कहना है कि बेमतलब, बिना तथ्य और साक्ष्य के बोलना और आरोप लगाना ही बाबूलाल का काम है। विकास के मुद्दे को भटकाने का काम करते हैं। 

बंगाल और ममत कनेक्शन पर चुप्पी क्यों

बाबूलाल लिखते हैं, आखिर इन अधिकारियों को किसका संरक्षण प्राप्त है? इन अधिकारियों की गिरफ्तारी और उनके मुंह खोलने से ऐसा कौन सा शख्स है, जो डर रहा है? कांके रोड और मुख्यमंत्री से उसका क्या कनेक्शन है? एक बात और... ममता बनर्जी के राज में नियामतपुर में क्वेश्चन पेपर रटवाये गये तो बंगाल कनेक्शन का नाम लेने में डर क्यों लगता है?

मरांडी ने हैशटैग #Jharkhand #JPSC #JSSC #StudentProstestsJharkhand के साथ यह पोस्ट किया। उन्होंने केंद्र और भाजपा के शीर्ष नेताओं को भी टैग किया है।

जेएमएम ने हाल ही में सीआईडी की कार्रवाई का आभार व्यक्त करते हुए परीक्षा घोटाले के मास्टरमाइंड और माफियाओं का ‘बिहार कनेक्शन’ बताया था। मरांडी ने इस पर पलटवार करते हुए पूछा कि दोषियों के जिले या राज्य को बदनाम करने की बजाय असली संरक्षण देने वालों की जांच क्यों नहीं हो रही।