JPSC-JSSC विवाद: रांची में CM आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन, बाबूलाल मरांडी समेत कई बीजेपी नेता हिरासत में
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और कई अन्य भाजपा नेताओं को JPSC-JSSC परीक्षा धांधली के विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री आवास के ब ...और पढ़ें

रांची में CM आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन, बाबूलाल मरांडी समेत कई बीजेपी नेता हिरासत में
HighLights
बाबूलाल मरांडी समेत भाजपा नेता हिरासत में लिए गए।
JPSC-JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ प्रदर्शन जारी।
भाजपा ने छात्रों पर कार्रवाई के खिलाफ चेताया।
डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भारतीय जनता पार्टी के कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। ये नेता झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर बीजेपी की चेतावनी
इससे पहले, बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने 'विधानसभा घेराव' मार्च के दौरान सुरक्षा के भारी इंतजामों के बीच छात्रों पर किसी भी तरह की पुलिसिया कार्रवाई को लेकर जेएमएम (JMM) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को कड़ी चेतावनी दी थी।
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रदर्शनकारियों की मांगें मानने की अपील की। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सांसद आदित्य साहू को नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया है।
प्रतुल शाह देव ने कहा, आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जन्मदिन है। छात्रों और उनके अभिभावकों ने आपको सत्ता में वापस लाकर पहले ही एक शानदार तोहफा दे दिया है। आज रिटर्न गिफ्ट देने का समय है। आपको उन छात्रों की मांगें पूरी करनी चाहिए जो विवादों में घिरी आउटसोर्सिंग एजेंसी (TDPL) द्वारा आयोजित परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। आप न तो परीक्षा रद्द कर रहे हैं और सीबीआई जांच से भी भाग रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, ईडी (ED) ने भी इस मामले में ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
'अगर एक भी लाठी उठी तो बीजेपी सड़कों पर उतरेगी'
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की सख्ती पर सवाल उठाते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, "आज आपने सड़कों पर जो इंतजाम किए हैं, वो छात्रों के खिलाफ हैं। आपने कटीले तार लगा दिए हैं, पैलेट गन के साथ आरएएफ की तैनाती की है और हमारे सांसद आदित्य साहू को नजरबंद रखा गया है। क्या आप आतंक का माहौल बनाना चाहते हैं? यह पूरी तरह से छात्रों का आंदोलन है और हम इसे कोई राजनीतिक रंग नहीं देना चाहते। लेकिन, अगर छात्रों पर एक भी लाठी उठी, तो बीजेपी का हर एक कार्यकर्ता बचाव के लिए सड़कों पर उतर आएगा और इसके जो भी परिणाम होंगे, उसकी जिम्मेदारी आपकी होगी।"
क्या हैं छात्रों की मांगें?
दूसरी ओर, सड़क पर उतरे JPSC और JSSC अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों को अब तक नहीं माना है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगों में JSSC-CGL परीक्षा को तत्काल रद्द करना, भर्ती प्रक्रिया में हुए कथित घोटाले की सीबीआई (CBI) जांच कराना और पूरी नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शी सुधार लाना शामिल है।