बीमारी की पूरी हिस्ट्री संभालकर रखेगा आभा कार्ड, ऐसे बनाएं डिजिटल हेल्थ अकाउंट
आभा कार्ड मरीजों को पुरानी जांच रिपोर्ट और उपचार रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सहेजने में मदद करेगा, जिससे विभिन्न अस्पतालों में रिकॉर्ड साझा करना आसान होगा।

पुरानी जांच रिपोर्ट और उपचार रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सहेजने में सहायक।
HighLights
आभा कार्ड 14 अंकों की डिजिटल स्वास्थ्य पहचान है।
बंधन बैंक ने ग्राहकों के लिए चार नए क्रेडिट कार्ड लॉन्च किए।
जागरण संवादता, रांची। बार-बार अस्पताल बदलने पर पुरानी जांच रिपोर्ट, पर्ची और उपचार का रिकार्ड संभालकर रखना मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनता है। ऐसे में आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) लोगों के लिए उपयोगी है।
यह 14 अंकों की डिजिटल स्वास्थ्य पहचान है, जिसके माध्यम से अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों में बने रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से जोड़ा और जरूरत पड़ने पर सहमति के आधार पर चिकित्सक के साथ साझा किया जा सकता है।
कार्ड बनाने के लिए आधिकारिक आभा पोर्टल पर जाकर आधार या ड्राइविंग लाइसेंस के माध्यम से पंजीकरण करें। आधार से पंजीकरण में मोबाइल ओटीपी से सत्यापन के बाद आभा नंबर बनाया जा सकता है।
आभा से स्वास्थ्य रिकार्ड एक जगह डिजिटल रूप से देखने और संभालने में सुविधा मिलती है। एबीडीएम से जुड़े अस्पतालों में जैसे रिम्स और सदर अस्पताल में लगे क्यूआर कोड के माध्यम से तेज पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध होगी और डाक्टर से दिखाने का लंबा इंतजार भी खत्म होगा।
बंधन बैंक ने चार वैरिएंट में क्रेडिट कार्ड किए लांच
बंधन बैंक ने मास्टरकार्ड के सहयोग से चार नए क्रेडिट कार्ड लांच किए हैं। बैंक ने ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों और खर्च करने की आदतों को ध्यान में रखते हुए स्पार्क्स, इग्नाइट, फ्लेयर और ल्यूमिना वैरिएंट पेश किए। इन कार्डों का अनावरण बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता, मास्टरकार्ड के भारत एवं दक्षिण एशिया अध्यक्ष गौतम अग्रवाल की मौजूदगी में हुआ।
सेनगुप्ता ने कहा कि क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो बैंक की सार्वभौमिक बैंकिंग यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डिजिटल-प्रथम भारत को ध्यान में रखते हुए सहज डिजिटल आवेदन और सुविधाजनक कार्ड सेवा अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा।
