पलामू के 18 कृषि हाटों का होगा विकास, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
पलामू जिले ने 18 ग्रामीण कृषि हाटों के सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव कृषि निदेशालय को भेजा है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर सुविधाएं और बाजार ...और पढ़ें

पलामू में 18 ग्रामीण कृषि हाटों का होगा कयाकल्प।
सच्चिदानंद, मेदिनीनगर (पलामू)। झारखंड सरकार ग्रामीण कृषि बाजार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के जर्जर ग्रामीण कृषि हाटों के पुनर्निर्माण और नए हाटों के निर्माण के लिए कृषि निदेशालय ने सभी जिलों से प्रस्ताव मांगे थे।
इसके जवाब में पलामू जिला प्रशासन ने 18 ग्रामीण कृषि हाट बाजारों की पहचान कर प्रस्ताव कृषि निदेशालय को भेज दिया है। इनमें सतबरवा बाजार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कृषि निदेशक भोर सिंह यादव ने पत्र जारी कर आधारभूत संरचनाओं की स्थापना, सुदृढ़ीकरण एवं ग्रामीण कृषि हाट निर्माण योजना के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।
पत्र में जर्जर एवं जीर्ण-शीर्ण हाटों को प्राथमिकता देने, संबंधित विभाग से एनओसी लेने तथा सरकारी भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था।
पलामू ने भेजा 18 हाटों का प्रस्ताव
उपायुक्त द्वारा कृषि निदेशक को 18 कृषि हाटों के सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव भेजा हैं। इसमें जिले के 10 हाटों को उच्चतम प्राथमिकता, 4 को मध्यम प्राथमिकता और 4 को निम्न प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है। उच्चतम प्राथमिकता सूची में सतबरवा बाजार सबसे ऊपर है, जहां प्रतिदिन बाजार लगता है और करीब 500 दुकानों का संचालन होता है।
इसके अलावा पोलपोल, चेतमा, तेतराई, घुटुवा, कुसड़ी, छतरपुर बाजार, घोरीघाट, नावाजयपुर और दिपौवा को भी प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है। मध्यम प्राथमिकता सूची में लोहरसी, शाहपुर, सगालीम और कजरात के हाट बाजार हैं, जबकि निम्न प्राथमिकता सूची में रामगढ़ बाजार, ओरियाकला, सिगसिगी और कुटमु को रखा गया है।
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किसानों को क्या होगा फायदा?
ग्रामीण कृषि हाटों के विकास से किसानों को स्थानीय स्तर पर अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। वर्तमान में कई हाटों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे किसानों और व्यापारियों को परेशानी होती है। हाटों के सुदृढ़ीकरण के बाद शेड, पेयजल, शौचालय, सड़क संपर्क, भंडारण और विपणन जैसी सुविधाएं विकसित होने की संभावना है।
इधर, कृषि निदेशालय ने जिलों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं। पलामू से भेजे गए प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित हाटों के निर्माण और पुनर्निर्माण का रास्ता साफ होगा। जिले के किसानों और ग्रामीण व्यापारियों की नजर अब राज्य सरकार के अगले फैसले पर टिकी है।
पलामू जिले के 18 ग्रामीण कृषि हाटों के सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव उपायुक्त के माध्यम से कृषि निदेशालय को भेजा गया है। यदि प्रस्तावों को स्वीकृति मिलती है तो किसानों की बाजार तक पहुंच आसान होगी, बिचौलियों पर निर्भरता घटेगी और कृषि उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
-दीपक कुमार वर्मा, जिला कृषि पदाधिकारी, पलामू