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पलामू में गहनों के लिए महिला की हत्या! पूजा पंडाल से लौटते समय बनाया निशाना; 72 घंटे में चार गिरफ्तार

Published: Sat, 24 Oct 2026 12:11 PM (IST)

पलामू पुलिस ने गीता देवी हत्याकांड का 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

गीता देवी हत्याकांड का 72 घंटे में हुआ खुलासा। जागरण

गीता देवी हत्याकांड का 72 घंटे में हुआ खुलासा। जागरण

HighLights

  1. गीता देवी हत्याकांड का 72 घंटे में हुआ खुलासा।

  2. पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार, सामान बरामद।

जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। नावाबाजार थाना क्षेत्र में गीता देवी हत्याकांड का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में नावाबाजार थाना क्षेत्र के राजहरा गांव निवासी दीपरंजन पांडेय उर्फ छोटू (22), रोहित पांडेय (24), आकाश शुक्ला उर्फ भूलन शुक्ला (26) और पड़वा थाना क्षेत्र के लोहड़ी गांव निवासी विक्की पासवान उर्फ विकास पासवान (25) शामिल हैं।

पलामू एसपी कपिल चौधरी ने शनिवार को पुलिस सभागार में पत्रकारों को बताया कि 20 अक्टूबर की रात पूजा पंडाल से घर लौटते समय गीता देवी का अपहरण कर लिया गया था। अगले दिन उनका शव घर के पास धान के खेत में मिला।

पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने महिला के आभूषण लूटने के बाद पहचान उजागर होने के डर से गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। महिला के साथ दुष्कर्म किए जाने की आशंका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर दो मोटरसाइकिल, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, मृतका के लूटे गए आभूषण और वारदात में इस्तेमाल की गई रस्सी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, दीपरंजन पांडेय के खिलाफ नावाबाजार थाने में वर्ष 2023 से 2025 के बीच कई मामले दर्ज हैं। आकाश शुक्ला के खिलाफ सदर और नावाबाजार थानों में, जबकि विक्की पासवान के खिलाफ पड़वा, शहर और गढ़वा नगर थानों में पूर्व के मामले दर्ज होने का उल्लेख है।

दशमी की रात बनाई थी लूटपाट की योजना

पुलिस के अनुसार, दुर्गा पूजा की दशमी के दिन पूजा पंडाल देखने के बाद चारों आरोपितों ने लूटपाट की योजना बनाई थी। उनकी योजना राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूटपाट करने की थी। इसी उद्देश्य से वे रात में सक्रिय थे। इसी दौरान पूजा पंडाल से घर लौट रही गीता देवी उन्हें अकेली मिलीं। आरोप है कि चारों उन्हें खेत की ओर ले गए और उनके आभूषण लूट लिए।

पहचान उजागर होने के डर से हत्या

एसपी के अनुसार, आभूषण लूटने के दौरान गीता देवी ने आरोपितों को पहचान लिया और शोर मचाने लगीं। इसके बाद आरोपितों ने उनके साथ मारपीट की और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। अगले दिन महिला का शव घर के पास धान के खेत में मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने एसडीपीओ विश्रामपुर चिरंजीव मंडल के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की। टीम ने अनुसंधान के दौरान चारों आरोपितों को गिरफ्तार किया।

दुष्कर्म की आशंका पर जांच

मामले में महिला के साथ दुष्कर्म किए जाने की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है। हालांकि, पुलिस की उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में इसकी पुष्टि नहीं की गई है। इस पहलू पर अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

दो मोटरसाइकिल समेत कई सामान जब्त

पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर घटना से जुड़े कई सामान बरामद किए हैं। इनमें एक हीरो स्ट्रीम मोटरसाइकिल, फर्जी नंबर प्लेट लगी एक सफेद अपाची मोटरसाइकिल, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, मृतका के लूटे गए आभूषण, खून और मिट्टी लगे कपड़े तथा गला घोंटने में इस्तेमाल की गई रस्सी शामिल हैं। पुलिस बरामद सामान की फॉरेंसिक जांच कराने की प्रक्रिया में है।

एसआईटी में शामिल थे कई पुलिस अधिकारी

हत्याकांड के उद्भेदन के लिए गठित टीम में एसडीपीओ विश्रामपुर चिरंजीव मंडल, प्रशिक्षु डीएसपी सह विश्रामपुर थाना प्रभारी मृत्युंजय गोप, नावाबाजार थाना प्रभारी संजय कुमार यादव, पांडू अंचल निरीक्षक रामाशीष पासवान सहित नावाबाजार, विश्रामपुर और पड़वा थानों के पुलिस अधिकारी तथा सशस्त्र बल शामिल थे। 

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