पलामू में भीषण आग से सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल खाक, किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
पलामू के केल्हार पंचायत में भीषण आग लगने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इस अग्निकांड में सैकड़ों एकड़ में लगी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, जिससे कि ...और पढ़ें

आग बुझाने के लिए मौके पर दमकल की टीम पहुंची।
HighLights
पलामू के केल्हार पंचायत में भीषण आग से तबाही
किसानों को हुआ लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान
संवाद सूत्र, पलामू (पाटन)। पलामू जिले के पाटन प्रखंड अंतर्गत केल्हार पंचायत में भीषण आग ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सखुई और निमिया गांव के सिवान में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते दर्जनों किसानों की तैयार गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया।
दमकल ने पाया काबू
इस अग्निकांड में सैकड़ों एकड़ में लगी रबी की फसल जलकर राख हो गई, जिससे किसानों को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। आग लगने की सूचना मिलते ही जिला परिषद सदस्य जयशंकर कुमार सिंह (संग्राम सिंह) तत्काल मौके पर पहुंचे।
उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया और दमकल कर्मियों के साथ खुद मोर्चे पर डटे रहे। ग्रामीणों और दमकल की टीम के संयुक्त प्रयास से घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
संग्राम सिंह की तत्परता से आसपास के अन्य खेतों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया, अन्यथा नुकसान का आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता था।
इन किसानों की मेहनत हुई राख
अग्निकांड इतना भीषण था कि कुछ ही मिनटों में साल भर की मेहनत धुएं में बदल गई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, प्रभावित होने वाले प्रमुख किसानों की सूची इस प्रकार है:
- परशुराम सिंह: 20 एकड़ फसल नष्ट
- अजय सिंह: 12 एकड़ फसल नष्ट
- शामों महरा: 7 एकड़ फसल नष्ट
- सतेंदर सिंह, नितेश कुमार और राजेंद्र सिंह: प्रत्येक की 5-5 एकड़ फसल खाक
- सीधी सिंह: 4 एकड़ फसल नष्ट
- महेंद्र सिंह और रघुनी सिंह: 2-2 एकड़ का नुकसान
- सुधीर सिंह: 1 एकड़ फसल जली
मुआवजे की मांग और प्रशासनिक जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी शशि शेखर पांडे और एएसआई अमृका सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। जिला परिषद सदस्य संग्राम सिंह ने जिला प्रशासन से मांग की है कि राजस्व एवं कृषि विभाग की टीम भेजकर तत्काल भौतिक सत्यापन कराया जाए।
उन्होंने किसानों के परिवार के भरण-पोषण का हवाला देते हुए उचित मुआवजे की अपील की है। मौके पर मुखिया जैनुल सिद्दीकी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे, जिनके चेहरे पर साल भर की कमाई छिन जाने का गम साफ दिख रहा था।