पलामू: मनातू के BDO-CO को सोशल मीडिया पर मिली गोली मारने की धमकी, थाना में आवेदन देने की तैयारी
मनातू के प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी मदन कुमार सुमन को सोशल मीडिया पर गोली मारने की कथित धमकी मिली है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

बीडीओ सह सीओ की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
मनातू के बीडीओ-सीओ को सोशल मीडिया पर धमकी मिली।
'ममता यादव' आईडी से गोली मारने की कथित धमकी दी गई।
अधिकारी ने मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई की बात कही।
संवाद सूत्र, तरहसी (पलामू)। मनातू के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सह अंचल अधिकारी (सीओ) मदन कुमार सुमन को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से उन्हें गोली मारने की बात लिखी गई है। धमकी मिलने के बाद प्रशासनिक महकमे में भी सतर्कता बढ़ गई है।
बीडीओ सह सीओ मदन कुमार सुमन ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट सामने आया है, जिसमें गोली मारने की धमकी दी गई है। उन्होंने बताया कि एक जमीन मामले की सुनवाई चल रही है। इसी मामले में गुरुवार को दोबारा न्यायिक सुनवाई होनी है। आशंका जताई जा रही है कि धमकी का संबंध उक्त मामले से हो सकता है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मदन कुमार सुमन ने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। साथ ही थाना प्रभारी को लिखित आवेदन दिया जाएगा। पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी।
पहले भी मिल चुकी है धमकी
मनातू क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों को धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2022-23 में भी टीएसपीसी संगठन की ओर से तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी को धमकी मिलने की बात सामने आई थी। उस समय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए टीएसपीसी के कई नक्सलियों को गिरफ्तार किया था।
पूर्व में मनातू में बीडीओ की हो चुकी है हत्या
वर्ष 1995 में तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी भवनाथ झा को भी नक्सलियों की ओर से धमकी मिली थी। धमकी मिलने के अगले ही दिन उनकी हत्या कर दी गई थी। इन घटनाओं के कारण मनातू क्षेत्र लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों को लेकर संवेदनशील रहा है।
मनातू प्रखंड सह अंचल कार्यालय प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित है। यह क्षेत्र जंगलों से घिरा हुआ है और बिहार के गया तथा चतरा जिले की सीमा से सटा हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में यह इलाका अफीम की खेती को लेकर भी चर्चा में रहा है।
