पलामू में पर्यावरण से खिलवाड़ पर घिरे खनन माफिया, सोहया पहाड़ी में अवैध माइनिंग का मामला पहुंचा NGT
पूर्व मंत्री कमलेश कुमार सिंह ने पलामू की सोहया पहाड़ी में कथित अवैध स्टोन माइनिंग और पर्यावरणीय क्षति का मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) तक पहुं ...और पढ़ें

सोहया पहाड़ी में अवैध माइनिंग का मामला पहुंचा NGT ( एआई जेनरेटेज तस्वीर )
HighLights
सोहया पहाड़ी में अवैध खनन का मामला एनजीटी पहुंचा।
पूर्व मंत्री कमलेश सिंह ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
पर्यावरणीय क्षति और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठे।
संवाद सूत्र, जपला (पलामू)। हुसैनाबाद अनुमंडल स्थित सोहया पहाड़ी में कथित अवैध स्टोन माइनिंग और पर्यावरणीय क्षति का मामला अब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) तक पहुंच गया है।
झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री कमलेश कुमार सिंह ने एनजीटी समेत केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने तथा उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
सोहया पहाड़ी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित
पूर्व मंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि क्षेत्र में लगातार हो रही खनन गतिविधियों के कारण सोहया पहाड़ी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है। इससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ कृषि भूमि और जल स्रोतों पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से खनन गतिविधियों का विरोध करते रहे हैं।
सुरक्षा मानकों पर भी उठाए सवाल
कमलेश कुमार सिंह ने हाल ही में खनन क्षेत्र के एक जलभराव वाले गड्ढे में युवक की डूबने से हुई मौत का उल्लेख करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का समुचित पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में खनन लीज की अवधि समाप्त होने के बावजूद खनन जारी रहने तथा विस्फोटक सामग्री के परिवहन की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, सभी खनन लीज और पर्यावरणीय स्वीकृतियों की समीक्षा करने तथा पर्यावरणीय क्षति का वैज्ञानिक आकलन कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक संबंधित क्षेत्र में खनन कार्य पर रोक लगाई जानी चाहिए। साथ ही प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण संरक्षण के लिए समय रहते प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।