पाकुड़ में खुद को पत्रकार बता पुलिस अफसर से मांगी 1 लाख की रंगदारी, हाथापाई के बाद चारों आरोपी गिरफ्तार
पाकुड़ में कुसमाफाटक चेकपोस्ट पर चार युवकों ने खुद को पत्रकार बताकर एक सहायक अवर निरीक्षक से 1 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और विरोध करने पर हाथापाई की। ...और पढ़ें

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HighLights
चेकपोस्ट पर ASI से 1 लाख की रंगदारी मांगी।
खुद को पत्रकार बताकर पुलिस अधिकारी से हाथापाई की।
पुलिस ने चारों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा।
जागरण संवाददाता, पाकुड़। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पाकुड़-कोटालपोखर मार्ग पर स्थित कुसमाफाटक चेकपोस्ट पर सोमवार की देर रात अपराधियों के दुस्साहस का एक बड़ा मामला सामने आया है।
यहां एक चार पहिया वाहन से आए चार युवकों ने चेकपोस्ट पर तैनात सहायक अवर निरीक्षक (ASI) मजनू राम से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी। जब पुलिस अधिकारी ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनसे गाली-गलौज करते हुए हाथापाई और बदसलूकी की।
पीड़ित सअनि मजनू राम की शिकायत पर मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 29 जून की रात 10 बजे से चेकपोस्ट पर उनकी ड्यूटी थी।
इस दौरान रात करीब 12:30 बजे एक चार पहिया वाहन (JH 16E-8986) आकर रुका, जिससे चार व्यक्ति नीचे उतरे। आरोपियों ने खुद को पत्रकार बताया और प्रति व्यक्ति 25-25 हजार रुपये (1 लाख रुपये) की मांग करने लगे।
एएसआई मजनू राम ने जब उन्हें बताया कि उनकी ड्यूटी केवल अवैध परिवहन को रोकने और वाहनों के चालान की एंट्री रजिस्टर में करने की है, तो चारों आरोपी भड़क गए। उन्होंने जबरन पुलिस अधिकारी के पॉकेट में हाथ डालने की कोशिश की और मारपीट पर उतारू हो गए।
घटना के तुरंत बाद पुलिस अधिकारी ने मुफस्सिल थाना प्रभारी को इसकी सूचना दी। खुद को घिरता देख चारों आरोपी गाड़ी से कोटालपोखर की ओर भाग निकले।
हालांकि, मुफस्सिल पुलिस की तत्परता और वायरलेस संदेश के बाद कोटालपोखर थाना प्रभारी ने रेलवे फाटक के पास घेराबंदी कर चारों को गिरफ्तार कर लिया।
मुफस्सिल थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि पुलिस पदाधिकारी से रंगदारी और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है। कोटालपोखर पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वसीम अकरम (निवासी कहारपाड़ा बरहड़वा), मुसर्रफ तोहीद (निवासी बिंदुधाम रोड), लाल मोहम्मद शेख (निवासी कहारपाड़ा), मोहसीन राजा (निवासी हबीबपुर) के रूप में की गई है।