झारखंड के लातेहार में भीषण सड़क हादसा, कंटेनर के नीचे दबकर चूर हुआ ऑटो; कई यात्रियों की गई जान
लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र में लोहरदगा-चंदवा मुख्य मार्ग पर एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई। एक कंटेनर के ऑटो पर पलट जाने से प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 10 लोगों की मौत हो गई है।
HighLights
लातेहार के चंदवा में भीषण सड़क दुर्घटना हुई।
लोहरदगा-चंदवा मार्ग पर कंटेनर ऑटो पर पलट गया।
जागरण संवाददाता, लातेहार। झारखंड से एक बड़ी खबर सामने आई है। लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र की डेढ़टंगवा घाटी शनिवार की शाम एक ऐसी दर्दनाक दुर्घटना की गवाह बनी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। लोहरदगा-चंदवा मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार कंटेनर अनियंत्रित होकर एक ऑटो के ऊपर पलट गया।
कंटेनर के नीचे ऑटो इस कदर दब गया कि उसका पूरा ढांचा चकनाचूर हो गया। हादसे में कई लोगों के हताहत होने की सूचना है। दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आटो में सवार लोगों के शव उसके बुरी तरह क्षतिग्रस्त ढांचे के अंदर फंसे हुए हैं और उन्हें निकालने के लिए पुलिस व बचाव दल को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
कुछ ही पल में चीखों में बदल गया सफर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोगों के होश उड़ गए। देखते ही देखते सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। कंटेनर के नीचे दबे आटो की हालत देखकर लोगों को अंदाजा हो गया कि भीतर फंसे यात्रियों की स्थिति कितनी गंभीर होगी।
ग्रामीण तत्काल घटनास्थल की ओर दौड़े और अपने स्तर से बचाव कार्य शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंच गया।
एक-एक शव को निकालने में लग रहा समय
ऑटो का ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण उसमें फंसे लोगों को निकालना चुनौती बना हुआ है। क्रेन की मदद से कंटेनर को हटाने और उसके नीचे दबे आटो तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। एक-एक शव को निकालने में काफी सावधानी और समय लग रहा है। घटनास्थल का दृश्य इतना विचलित करने वाला है कि वहां मौजूद लोगों की आंखों के सामने हादसे की भयावहता साफ दिखाई दे रही है।
बच्चों के भी होने की आशंका ने बढ़ाई चिंता
हादसे में छोटे बच्चों के भी ऑटो में सवार होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक मृतकों की निश्चित संख्या और उनकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। बचाव कार्य पूरा होने और ऑटो के अंदर फंसे सभी लोगों को बाहर निकाले जाने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


सड़क पर बिखरा मलबा, थम गया आवागमन
दुर्घटना के बाद लोहरदगा-चंदवा मुख्य मार्ग पर वाहनों का परिचालन बाधित हो गया। कंटेनर और क्षतिग्रस्त आटो सड़क के किनारे हादसे की भयावह कहानी सुना रहे थे। सड़क पर मलबा और क्षतिग्रस्त सामान बिखरा पड़ा था। पुलिस ने मौके पर व्यवस्था संभालते हुए राहत-बचाव कार्य को प्राथमिकता दी।
स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, समाजसेवी और राजनीतिक दलों के नेता भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी लेते रहे। ग्रामीणों ने भी बचाव अभियान में पुलिस और प्रशासन का सहयोग किया। एंबुलेंस को मौके पर लगाया गया है ताकि निकाले जाने वाले घायलों अथवा शवों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके।
डेढ़टंगवा घाटी फिर बनी सवाल
डेढ़टंगवा घाटी में हुए इस हादसे ने एक बार फिर इस मार्ग पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घुमावदार और चुनौतीपूर्ण मार्ग पर वाहनों की गति तथा सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्कता की जरूरत है। फिलहाल हादसे के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
सबसे बड़ा सवाल फिलहाल यह नहीं है कि हादसा कैसे हुआ। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कंटेनर के नीचे दबे उस छोटे से आटो में कितने सपने सवार थे, जो एक झटके में लोहे के मलबे में दब गए। कोई घर लौट रहा होगा, कोई बाजार से सामान लेकर जा रहा होगा, कोई अपने बच्चे के साथ सफर पर निकला होगा।
मगर डेढ़टंगवा घाटी में शाम ढलते-ढलते कई घरों की खुशियां मातम में बदलने की आशंका ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। राहत-बचाव अभियान जारी है। कंटेनर को हटाकर आटो में फंसे सभी लोगों को बाहर निकालने के बाद ही इस हादसे की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
फिलहाल डेढ़टंगवा घाटी में सन्नाटा है, सड़कों पर मलबा है और हर किसी की निगाह बचाव दल की ओर टिकी है शायद मलबे के बीच किसी जिंदगी की सांस अभी बाकी हो।

