पीएम आवास योजना: अब घर बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये देगी सरकार, किस्तों की राशि और नियमों में भी हुआ बदलाव
झारखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अब बेघर परिवारों को घर बनाने के लिए ₹2.50 लाख की आर्थिक मदद मिलेगी, जो पहले से ₹25,000 अधिक है। ...और पढ़ें

पीएम आवास योजना। फाइल फोटो
HighLights
आर्थिक मदद ₹2.50 लाख हुई, ₹25,000 की वृद्धि।
सहायता राशि चार किस्तों में सीधे बैंक खाते में।
महिला लाभुकों को प्राथमिकता, आय सीमा ₹3 लाख।
जागरण संवाददाता, कोडरमा। झारखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (BLC) घटक के तहत अब बेघर एवं जरूरतमंद परिवारों को अपने सपनों का आशियाना बनाने के लिए पहले से अधिक आर्थिक मदद मिलेगी।
नगर विकास एवं आवास विभाग (नगरीय प्रशासन निदेशालय) द्वारा जारी नए दिशानिर्देशों के अनुसार, योजना के तहत दी जाने वाली कुल वित्तीय सहायता राशि में बढ़ोतरी करते हुए इसे ₹2.50 लाख (दो लाख पचास हजार रुपये) कर दिया गया है, जो पहले की तुलना में ₹25,000 अधिक है।
इस वित्तीय सहायता का वित्तपोषण केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 60:40 के अनुपात में किया जाएगा। योजना के तहत राशि का भुगतान अब नई व्यवस्था और नई किस्तों के आधार पर सीधे लाभुकों के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।
4 किस्तों में मिलेगी ₹2.5 लाख की सहायता राशि
योजना के तहत मिलने वाली ₹2.5 लाख की कुल राशि जियो-टैगिंग के आधार पर चार किस्तों में सीधे हस्तांतरित की जाएगी
प्रथम किस्त (10% - ₹25,000): नींव (फाउंडेशन) से प्लिंथ लेवल तक के निर्माण कार्य के लिए।
द्वितीय किस्त (30% - ₹75,000): प्लिंथ लेवल से लिंटेल लेवल तक का निर्माण पूर्ण होने पर।
तृतीय किस्त (40% - ₹1,00,000): लिंटेल से छत की ढलाई (रूफ लेवल) पूरी होने पर।
चतुर्थ किस्त (20% - ₹50,000): प्लास्टर, दरवाजे-खिड़कियां लगाने और फिनिशिंग (कम्प्लीशन) कार्य पूर्ण होने के बाद।
महिला लाभुक को प्राथमिकता और मुख्य शर्तें
महिला के नाम आवंटन: आवास का आवंटन परिवार की विवाहित महिला सदस्य के नाम पर किया जाएगा। योग्य महिला सदस्य न होने पर ही इसे पुरुष सदस्य के नाम आवंटित किया जा सकेगा।
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आय सीमा: लाभुक परिवार (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) की वार्षिक आय कमजोर आय वर्ग (EWS) श्रेणी के तहत ₹3,00,000 से कम होनी चाहिए।
निवासी होने की शर्त: 1 सितंबर 2024 (कट-ऑफ तिथि) से पहले संबंधित नगरीय क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य है।
पक्का मकान न हो: लाभुक या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
क्षेत्रफल और समय-सीमा: आवास का निर्माण लगभग 35 वर्ग मीटर कारपेट एरिया में 12 से 18 महीने के भीतर झारखंड बिल्डिंग बाय-लॉज़ के मानकों के अनुसार कराया जाना अनिवार्य होगा।
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