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    कोडरमा में बेकाबू हाथियों का कहर‌ जारी: दो को उतारा मौत के घाट, 3 गंभीर; वन विभाग पर गुस्सा

    Updated: Wed, 22 Apr 2026 08:38 PM (IST)

    कोडरमा जिले में हाथियों का आतंक जारी है, जयनगर के कंझियाडीह गांव में हाथियों के हमले में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। ...और पढ़ें

    हाथियों के हमले में दो की मौत तीन घायल, वन विभाग पर सवाल। (फोटो: जागरण)

    हाथियों के हमले में दो की मौत तीन घायल, वन विभाग पर सवाल। (फोटो: जागरण)

    HighLights

    1. कोडरमा में हाथियों के हमले से दो की मौत, तीन घायल।

    2. जयनगर के कंझियाडीह में ईंट भट्ठे पर हुआ हमला।

    3. एक माह में सात मौतें, वन विभाग पर गहरा आक्रोश।

    संवाद सूत्र, कोडरमा। जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला जयनगर थाना क्षेत्र के कंझियाडीह गांव का है, जहां बीती रात हाथियों के हमले में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

    हमले में तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान बिहार के फतेहपुर गांव निवासी 32 वर्षीय राजकुमार मांझी और 12 वर्षीय लवकुश के रूप में हुई है।

    जानकारी के अनुसार, कंझियाडीह स्थित एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हाथियों का झुंड अचानक पहुंच गया।

    हाथियों ने झोपड़ियों को तोड़ना शुरू कर दिया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान एक छोटा बच्चा झोपड़ी में फंस गया, जिसे बचाने की कोशिश में परिवार के लोग फिर से वहां पहुंचे।

    अफरा-तफरी के बीच बच्चा हाथियों के झुंड के पास पहुंच गया, जहां उसे कुचलकर मार डाला। घटना इतनी भयावह थी कि शव के टुकड़े हो गए।

    हमले में राजकुमार मांझी की पत्नी गौरी देवी, लवकुश की मां कारी देवी और एक छोटा बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी का इलाज चल रहा है।

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    वहीं दूसरी ओर सतगावां थाना क्षेत्र के मीरगंज पंचायत स्थित कानीकेंद्र गांव में भी हाथियों ने एक मिट्टी का मकान ध्वस्त कर दिया और उसमें रखे अनाज को नष्ट कर दिया।गनीमत रही कि उस समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। लगातार बढ़ती घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

    पिछले एक महीने में जिले में हाथियों के हमले से करीब सात लोगों की मौत हो चुकी है। जयनगर, मरकच्चो, सतगावां समेत कई प्रखंड प्रभावित हैं। वन विभाग की निष्क्रियता को लेकर स्लोथानीय लोगों में भारी आक्रोश है और जल्द ठोस कार्रवाई की मांग उठ रही है।