यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
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प्रेम-प्रसंग में मारपीट कर हत्या करने के एक मामले में अंतिम सुनवाई के बाद शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय देवेश कुमार त्रिपाठी ने छह पुर ...और पढ़ें

HighLights
- मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गावाह का बयान न्यायालय में दर्ज कराया गया
- अदालत ने अर्थदंड नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतने का निर्देश दिया
- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद सूत्र, जामताड़ा। प्रेम-प्रसंग में मारपीट कर हत्या करने के एक मामले में अंतिम सुनवाई के बाद शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय देवेश कुमार त्रिपाठी ने छह पुरुष और एक महिला को आजीवन कारावास की सजा मुकर्रर की है।
इस संदर्भ में प्रभारी सहायक लोक अभियोजक धनंजय देव पांडे ने बताया कि बिंदापाथर थाना क्षेत्र के मुडाम गांव के कोल टोला की रहने वाली प्रेमिका पूनम कोल के पति सुभाष कोल ने बयान में बताया कि मुडाम गांव के दामोदर महतो का पुत्र अर्जुन महतो, उनकी पुत्र-पुत्री को ट्यूशन पढ़ने का काम करता था।
प्रेमिका ने फोन कर अर्जुन को बुलाया था
इसी बीच उसकी पत्नी पूनम कोल और अर्जुन महतो के बीच अवैध संबंध स्थापित हो गए। प्रेमिका के पति ने कई बार अर्जुन महतो को समझने और घर आने से मना किया। इसके बावजूद वह नहीं माना और आना-जाना कर रहा था।
27 अप्रैल 2021 को गांव में शादी थी। पूनम कोल ने फोन करके रात आठ बजे प्रेमी अर्जुन महतो को घर में बुलाया था। पति सुभाष द्वारा विरोध करने पर वह चला गया। पुनः 15 मिनट के बाद घर आकर पत्नी पूनम के पास चला गया।
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प्रेमिकाके पति ने किया हंगामा
पति द्वारा विरोध करने और हो-हल्ला होने पर गांव के राजेश कोल, रोहित कोल, नंदलाल कोल, संजय कोल और जगदीश कोल उसके घर आए। बकझक होने के बाद लाठी-डंडा से मारपीट की गई।
इससे अर्जुन महतो घायल हो गया था। उसके पैर में गमछा से बांधकर प्रजापेटीया तीन मोहन जंगल में ले गए और खेत में फेंक दिया। फेंकने बाद पत्थर से सिर पर वार किया था। इससे उसकी मौत हो गई।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गावाह का बयान न्यायालय में दर्ज कराया गया। बयान सुनने के बाद अदालत ने मामले को सही पाया और दोषी राजेश कोल, रोहित कोल, नंदलाल कोल, संजय कोल, जगदीश कोल, सुभाष कोल और प्रेमिका पूनम कोल को को भारतीय दंड विधान की धारा 302 में आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा मुकर्रर की है।
अर्थदंड नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त भारतीय दंड विधान की धारा 201 में 5 साल की कठोर कारावास और 2000 हजार अर्थ दंड की सजा मुकर्रर की है। अर्थ दंड नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतने का निर्देश दिया है।