TMH Bone Marrow Transplant: अब इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा मुंबई, टाटा मेन हॉस्पिटल में जल्द शुरू होगा बोन मैरो ट्रांसप्लांट
टाटा मेन हास्पिटल (टीएमएच) में अगले दो से तीन माह में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा फिर से शुरू होगी, जिसकी जानकारी एमडी ऑनलाइन कार्यक्रम में दी गई। ...और पढ़ें

टाटा मेन हास्पिटल में 2-3 माह में फिर शुरू होगा बोन मैरो ट्रांसप्लांट, मरीजों को मिलेगी राहत।
HighLights
टीएमएच में 2-3 माह में बोन मैरो ट्रांसप्लांट फिर शुरू।
टाटा स्टील एमडी ऑनलाइन में सुरक्षा, छात्रवृत्ति पर चर्चा।
वेतन समझौता और कर्मचारी सहायता योजना पर भी बात हुई।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा मेन हास्पिटल (टीएमएच) में अगले दो से तीन माह में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा फिर से शुरू होगी। टाटा स्टील के मासिक कार्यक्रम एमडी ऑनलाइन सोमवार को हुई जिसमें टाटा मेन हास्पिटल (इंडोर सर्विसेज) की महाप्रबंधक डाॅ. विनीता सिंह ने एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
इससे पहले कोक प्लांट से पूर्व कमेटी मेंबर डाॅ. एके गुप्ता ने सवाल उठाया कि टीएमएच से डाॅ. गर्ग के जाने के बाद बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा बंद हो गई इसलिए इस सुविधा को जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि इसके इलाज के लिए शहरवासियों सहित आसपास के राज्यों के मरीजों को इलाज के लिए मुंबई नहीं जाना पड़े।
इस पर महाप्रबंधक ने बताया कि टीएमएच में हेमोटालोजिस्ट के रूप में डाॅ. मंडल ने ज्वाइंन किया है। व्यवस्था को फिर से शुरू करने में थोड़ा समय लगेगा। हमारी कोशिश है कि अगले दो से तीन माह में इस सुविधा को फिर से शुरू जाए।
इससे पहले टाटा स्टील के सीईओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन ने जमशेदपुर, कलिंगनगर, मीरामंडली, मार्केटिंग एंड सेल्स, माइंस एंड कोलियरी के उत्पादन व सेफ्टी से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न यूनिट में होने वाली दुर्घटनाओं पर एक बार फिर चिंता जाहिर करते हुए सेफ्टी मानकों का अनुपालन करने की हिदायत दी।
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मिलेनियम स्कालरशिप में बढ़े सीट की संख्या
कार्यक्रम के दौरान डाॅ. एके गुप्ता ने कहा कि कंपनी मिलेनियम स्कालरशिप के तहत 300 युवाओं को छात्रवृत्ति देती है लेकिन अब कंपनी का दायरा काफी बढ़ चुका है इसलिए इसकी संख्या को भी बढ़ाया जाए। वहीं, नई शिक्षा नीति के तहत भौतिकी, रसायन व गणित की पढ़ाई करने वाले बच्चों को इसका लाभ देने की मांग की।
इसके अलावा उन्होंने एस्पायरिंग इंजीनियरिंग प्रोग्राम की तरह मैनेजमेंट, एमबीए, चार्टर्ड एकाउंटेंट व कानून की पढ़ाई करने वाले युवाओं को भी कंपनी में मौका देने का आग्रह किया। इसका जवाब देते हुए सीएचआरओ जुबिन पालिया ने कहा कि ये नीतिगत मामले हैं और इसकी एक संयुक्त कमेटी बनी हुई है। कमेटी की अगली बैठक में इस पर जरूर विचार किया जाएगा।
जल्द हो वेतन समझौता, एरियर का हो रहा है नुकसान
कोक प्लांट के पूर्व कमेटी मेंबर ने एमडी आनलाइन के दौरान कंपनी में लंबित वेतन समझौता जल्द कराने की मांग की। कहा कि समझौता देर से होने से कर्मचारियों को एरियर का नुकसान है। इस पर जुबिन पालिया ने बताया कि यह कलेक्टिव बार्गेनिंग का विषय है और इस पर यूनियन नेताओं से वार्ता जारी है।
मां का इलाज के लिए मुझे दी जाए ईएसएस
एमडी ऑनलाइन के दौरान इलेक्ट्रिकल टीएंडडी विभाग के अनंत गिरी ने कहा कि उनकी मां मानसिक रूप से बीमार है और उनका इलाज जमशेदपुर या रांची में उपलब्ध नहीं है। डाक्टर ने मुझे हैदराबाद या रांची में इलाज कराने की सलाह दी है।
वर्तमान में मेरी मां का इलाज विशाखापट्टनम में एक रिश्तेदार के घर से चल रहा है। मैंने ईएसएस के लिए आवेदन किया था लेकिन 40 वर्ष से कम आयु होने के कारण मुझे इसका लाभ नहीं दिया गया जबकि मुझे 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
इस पर एमडी ने कहा कि यह कार्यक्रम निजी मामलों के लिए नहीं है लेकिन पर्सनल एक्जीक्यूटिव ऑफिसर से कह रहा हूं कि कंपनी के नियमों को ध्यान में रखकर आपकी मदद करें।