रेलवे ओवरब्रिज के पास सड़क हादसा: बस के पहिए के नीचे आने से खलासी की गई जान, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
चांडिल में चलती स्कूल बस से गिरकर खलासी प्रहलाद महतो की मौके पर मौत हो गई, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया है।

चांडिल गोलचक्कर के पास प्रहलाद अचानक चलती बस से नीचे गिर गया और बस का पिछला पहिया उसके ऊपर से गुजर गया।
HighLights
मृतक प्रहलाद महतो, दयावती मोदी स्कूल बस का खलासी था।
हादसे के बाद स्कूल बसों की सुरक्षा पर उठे सवाल।
जासं, चांडिल। टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग पर चांडिल थाना क्षेत्र स्थित चांडिल गोलचक्कर के नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज के समीप गुरुवार सुबह सड़क हादसा हो गया।
चलती स्कूल बस से अचानक नीचे गिर जाने के कारण बस के खलासी (हेल्पर) की मौके पर ही मौत हो गई। इस भीषण दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी का माहौल बन गया।
बच्चों को स्कूल ले जाते समय हुआ हादसा
मृतक की पहचान चौका थाना क्षेत्र के रुगड़ी गांव निवासी 45 वर्षीय प्रहलाद महतो के रूप में हुई है। वह चांडिल के हुमीद स्थित दयावती मोदी पब्लिक स्कूल की बस में खलासी के रूप में कार्यरत था।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह प्रहलाद अपनी ड्यूटी पर था और बस चौका की ओर से स्कूली बच्चों को लेकर हुमीद स्थित विद्यालय जा रही थी।
इसी दौरान चांडिल गोलचक्कर के पास प्रहलाद अचानक चलती बस से नीचे गिर गया और बस का पिछला पहिया उसके ऊपर से गुजर गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों में मचा कोहराम, मुआवजे की मांग
दुर्घटना की खबर मिलते ही मृतक के गांव रुगड़ी में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रहलाद परिवार का मुख्य कमाऊ सदस्य था।
उसकी अचानक मौत से परिवार पर आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने प्रशासन तथा स्कूल प्रबंधन से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा देने की पुरजोर मांग की है।
पुलिस जांच में जुटी, सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में
घटना की सूचना मिलते ही चांडिल थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस दुर्घटना के कारणों और बस की तकनीकी स्थिति की जांच कर रही है। वहीं, इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र में संचालित स्कूल बसों के सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई स्कूलों की बसों में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन नहीं होता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस, दरवाजों की सुरक्षा, इमरजेंसी एग्जिट और चालक-खलासी के मानकों की व्यापक जांच कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो।
