20 लाख की सुपारी पर जमशेदपुर आए तीन शूटर, चूक गए तो नीरज मर्डर केस के शूटर सागर ने की निखार की हत्या
मास्टरमाइंड अशोक सिंह राघव ने कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसमें 20 लाख की सुपारी ...और पढ़ें

पुलिस के समक्ष दिए गए कबूलनामे के अनुसार, निखार सबलोक की हत्या की साजिश 18 अगस्त को ही रच ली गई थी।
HighLights
निखार सबलोक की हत्या 20 लाख की सुपारी पर हुई।
नीरज सिंह हत्याकांड के शूटर सागर सिंह ने की हत्या।
विक्रम शर्मा की हत्या का बदला लेने के लिए साजिश।
जासं, जमशेदपुर। कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में चांडिल थाना पुलिस की पूछताछ के दौरान मास्टरमाइंड अशोक सिंह राघव ने बेहद चौंकाने वाले और बड़े खुलासे किए हैं।
पुलिस के समक्ष दिए गए कबूलनामे के अनुसार, निखार सबलोक की हत्या की साजिश 18 अगस्त को ही रच ली गई थी।
वारदात को अंजाम देने के लिए उत्तर प्रदेश से 20 लाख रुपये की सुपारी पर पहले तीन शूटरों को जमशेदपुर बुलाया गया था।
लेकिन दो-तीन बार प्रयास करने के बावजूद जब वे नाकाम रहे, तो धनबाद के चर्चित नीरज सिंह हत्याकांड से जुड़े शूटर सागर सिंह की एंट्री कराई गई।
18 अगस्त को रची गई साजिश, 20 लाख में तय हुई सुपारी
अशोक सिंह राघव के बयान के मुताबिक, 18 अगस्त को सिंटू सिंह ने उसे जानकारी दी कि निखार की हत्या के लिए उत्तर प्रदेश के तीन शूटरों प्रदीप सिंह, राहुल विश्वकर्मा और अभिनय यादव को 20 लाख रुपये की सुपारी पर बुलाया गया है।
सुनील रजक के माध्यम से इन तीनों को सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के कुम्हारपाड़ा देवनगर स्थित एक किराये के मकान में ठहराया गया।
इसके साथ ही सुशील केराई, सुनील रजक और रितेश सिंह को निखार की लगातार रेकी करने का काम सौंपा गया।
तीनों शूटरों ने निखार को निशाना बनाने के लिए दो से तीन बार प्रयास किए, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
21 अगस्त को सागर और अंकित की जमशेदपुर में एंट्री
पहले शूटरों की लगातार नाकामी के बाद सिंटू सिंह और सुनील रजक ने सुल्तानपुर निवासी सागर सिंह से संपर्क किया।
सागर सिंह धनबाद के तत्कालीन डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी रहा है और दुमका जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात कुख्यात अपराधी अखिलेश सिंह से हुई थी।
21 अगस्त को सागर सिंह अपने सहयोगी अंकित सिंह के साथ जमशेदपुर पहुंचा और दोनों को उसी किराये के मकान में ठहराया गया। सागर ने रेकी और वारदात को अंजाम देने के लिए एक गाड़ी की मांग की।
2 लाख में खरीदी गई सेकंड हैंड कार
22 अगस्त को अशोक सिंह राघव साकची पहुंचा और सुनील रजक को गाड़ी खरीदने के लिए 2 लाख रुपये दिए। सुनील ने तत्काल सेकंड हैंड कार खरीदी और हत्या की अंतिम तैयारी पूरी की।
निखार की पहचान सुनिश्चित करने के लिए अशोक ने सोशल मीडिया से उसकी तस्वीर का स्क्रीनशॉट निकाला। जांच में पता चला था कि निखार चांडिल के 'टेंथ माइल स्टोन होटल' के पास जमीन से जुड़े काम के सिलसिले में अक्सर आता-जाता था।
लोकेशन छिपाने के लिए 24 अगस्त को कोलकाता भागा मास्टरमाइंड
इसके बाद सिंटू और सुशील को शूटरों के साथ होटल के आसपास भेजा गया। 24 अगस्त को वारदात वाले दिन अशोक राघव ने खुद को पुलिस जांच और मोबाइल टावर लोकेशन से बचाने के लिए चालाकी दिखाई।
वह अपने अंगरक्षक प्रवीण सिंह और अन्य कर्मचारियों के साथ कोलकाता चला गया, ताकि उसकी लोकेशन जमशेदपुर से बाहर दर्ज हो। 24 अगस्त की दोपहर कलाम ने प्रवीण के मोबाइल पर फोन कर सूचना दी कि आज काम हो जाएगा।
इसके बाद सिंटू, सुशील, कलाम और सुनील लगातार व्हाट्सएप के जरिए एक-दूसरे से संपर्क में रहे और उसी दिन निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
विक्रम शर्मा की हत्या का बदला लेने के लिए रची गई थी साजिश
वारदात को अंजाम देने के बाद सभी शूटरों को तुरंत बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर भागकर छिपने का निर्देश दिया गया था।
पूछताछ में अशोक राघव ने स्पष्ट किया कि निखार सबलोक की हत्या मुख्य रूप से विक्रम शर्मा की हत्या का बदला लेने के लिए कराई गई थी।
फिलहाल, चांडिल पुलिस इस पूरे केस में बदले की पृष्ठभूमि, साजिश में शामिल अन्य नेटवर्क, 2 लाख रुपये में खरीदी गई कार और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
