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    MGM अस्पताल में खुलेगा नया मेडिकल रिकॉर्ड विभाग, सर्विस भवन की चौथी मंजिल पर रहेगा मरीजों का पूरा डेटा

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 07:00 AM (GMT+05:30)

    एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर में जल्द ही एक समर्पित मेडिकल रिकॉर्ड विभाग (MRD) शुरू होगा, जिससे मरीजों के इलाज से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण रिपोर्टें और दस्ताव ...और पढ़ें

    एमजीएम अस्‍पताल की प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

    एमजीएम अस्‍पताल की प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

    HighLights

    1. एमजीएम अस्पताल में नया मेडिकल रिकॉर्ड विभाग खुलेगा।

    2. मरीजों के सभी दस्तावेज सुरक्षित और व्यवस्थित रखे जाएंगे।

    3. शोध व बेहतर इलाज के लिए प्रामाणिक डेटा उपलब्ध होगा।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब मरीजों के इलाज से जुड़ी महत्वपूर्ण रिपोर्ट या दस्तावेज गायब नहीं होंगे। 
     
    अस्पताल प्रबंधन जल्द ही एक समर्पित मेडिकल रिकॉर्ड विभाग (MRD) शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसे अस्पताल परिसर स्थित सर्विस भवन की चौथी मंजिल पर स्थापित किया जाएगा।
     
    सोमवार को अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने प्रस्तावित स्थल का भौतिक निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
     

    क्या है मेडिकल रिकॉर्ड विभाग (MRD)?

    MRD को किसी भी अस्पताल का डेटा सेंटर माना जाता है। इस विभाग का मुख्य उद्देश्य ओपीडी (OPD) और आईपीडी (IPD) का रिकॉर्ड, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच रिपोर्ट, एक्सरे, ऑपरेशन का विवरण, डिस्चार्ज समरी और मरीज के पूर्ण चिकित्सीय इतिहास को एक ही स्थान पर सुरक्षित और व्यवस्थित रखना है।
     

    एमआरडी (MRD) से होने वाले मुख्य लाभ:

    •     मरीजों के लिए सुविधा: अक्सर मरीजों के पुराने डिस्चार्ज समरी या मेडिकल पेपर खो जाते हैं। नया विभाग शुरू होने से बरसों पुराना रिकॉर्ड भी एक क्लिक या फाइल में उपलब्ध रहेगा। 
    इससे डॉक्टर मरीज का पूरा बैकग्राउंड देखकर सटीक इलाज कर सकेंगे और बेवजह की दोबारा जांचों (Duplication of Tests) से मुक्ति मिलेगी।
    •     रिसर्च और डॉक्टरों के लिए आधार: मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे मेडिकल छात्रों, इंटर्न्स और पीजी (Post Graduate) डॉक्टरों को केस स्टडीज और शोध (Research) के लिए प्रामाणिक डेटा आसानी से मिल सकेगा, जिससे चिकित्सा की नई पद्धतियों पर काम करने में तेजी आएगी।
    • NMC मानकों की पूर्ति: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) अस्पतालों में बेहतर मेडिकल रिकॉर्ड प्रणाली पर विशेष जोर देता है। अलग MRD कार्यालय से कॉलेज की प्रशासनिक गुणवत्ता सुधरेगी, जिससे भविष्य में सीट विस्तार और आधिकारिक निरीक्षणों के दौरान एमजीएम को सीधा लाभ मिलेगा।

    एमजीएम अधीक्षक डॉ बलराम झा ने कहा क‍ि एमआरडी शुरू होने से अस्पताल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और तेजी आएगी। यह व्यवस्था मरीजों के बेहतर इलाज और शोध दोनों में मील का पत्थर साबित होगी।