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वंदे भारत के लिए चाकुलिया-टाटानगर में बड़ा प्लान, खड़गपुर वर्कशॉप को मिला नया ऑर्डर

By Jitendra SinghEdited By: Sanjeev Kumar
Published: Wed, 02 Sep 2026 06:00 AM (IST)

दक्षिण पूर्व रेलवे ने वंदे भारत ट्रेनों के बेहतर रख-रखाव के लिए खड़गपुर वर्कशॉप में स्पेयर पार्ट्स बनाने का निर्णय लिया है। इससे मरम्मत में तेजी आएगी।

वंदे भारत ट्रेनों के कोच में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न स्पेयर पार्ट्स खड़गपुर रेलवे वर्कशॉप में ही तैयार किए जाएंगे।

वंदे भारत ट्रेनों के कोच में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न स्पेयर पार्ट्स खड़गपुर रेलवे वर्कशॉप में ही तैयार किए जाएंगे।

HighLights

  1. खड़गपुर वर्कशॉप में बनेंगे वंदे भारत के स्पेयर पार्ट्स।

  2. मरम्मत में तेजी, कोच फैक्ट्रियों पर निर्भरता होगी कम।

  3. टाटानगर में 269 करोड़ का नया कोचिंग यार्ड प्रस्तावित।

जितेंद्र सिंह, जमशेदपुर। दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के बेहतर रख-रखाव और मरम्मत कार्य को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 
 
अब वंदे भारत ट्रेनों के कोच में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न स्पेयर पार्ट्स खड़गपुर रेलवे वर्कशॉप (Kharagpur Railway Workshop) में ही तैयार किए जाएंगे। 
 
रेलवे प्रशासन ने वर्कशॉप को कोच की सीट, बर्थ समेत कई अन्य आवश्यक सामान बनाने के स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।
 

कोच फैक्ट्रियों पर निर्भरता होगी कम, समय की होगी बचत

इस नई व्यवस्था के लागू होने से छोटे-छोटे कलपुर्जों (स्पेयर पार्ट्स) के लिए चेन्नई (ICF), कपूरथला (RCF) और रायबरेली (MCF) स्थित रेल कोच फैक्ट्रियों पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी। 
 
अब तक खराबी आने पर जरूरी पार्ट्स बाहर से मंगाने में समय लगता था, जिससे मरम्मत कार्य में देरी होती थी। खड़गपुर में ही निर्माण शुरू होंगे। 
 
इससे कोचिंग डिपो में स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता तुरंत हो सकेगी, जिससे मेंटेनेंस का समय घटेगा और यात्रियों को सुरक्षित व बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
 

5 वंदे भारत ट्रेनों को मिलेगा सीधा फायदा

वर्तमान समय में दक्षिण पूर्व रेलवे के अंतर्गत टाटानगर, रांची और हावड़ा से कुल पांच वंदे भारत ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। भविष्य में इस रूट पर और भी नई वंदे भारत ट्रेनें चलाने की योजना है।  
 

टाटानगर में 269 करोड़ से बनेगा कोचिंग यार्ड

ट्रेनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय स्तर पर स्पेयर पार्ट्स तैयार करने की इस व्यवस्था को काफी अहम माना जा रहा है। 
 
वंदे भारत के रखरखाव को और मजबूत करने के लिए टाटानगर में एक अत्याधुनिक कोचिंग यार्ड का निर्माण प्रस्तावित है। 
 
इस परियोजना पर करीब 269 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी, जिसके लिए वर्तमान में जमीन चिह्निंत करने का कार्य प्रगति पर है। 
 
इसके साथ ही चाकुलिया में भी वंदे भारत ट्रेन से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं को आकार देने की तैयारी चल रही है।