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Tata Motors में छंटनी का संकट: 4000 कर्मचारियों की जाएगी नौकरी, ₹21760 करोड़ बचाने की कवायद

Published: Tue, 08 Sep 2026 07:43 PM (IST)

टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली जगुआर लैंड रोवर (JLR) अगले दो वर्षों में वैश्विक स्तर पर 4,000 नौकरियां कम करेगी। ...और पढ़ें

जेएलआर ने स्पष्ट किया है कि इस कटौती का प्रभाव प्लांटों में सीधे तौर पर उत्पादन और विनिर्माण के काम में लगे कर्मचारियों पर नहीं पड़ेगा।

जेएलआर ने स्पष्ट किया है कि इस कटौती का प्रभाव प्लांटों में सीधे तौर पर उत्पादन और विनिर्माण के काम में लगे कर्मचारियों पर नहीं पड़ेगा।

HighLights

  1. JLR अगले दो वर्षों में 4,000 नौकरियां घटाएगी।

  2. लागत नियंत्रण को ₹21,760 करोड़ की बचत का लक्ष्य।

  3. भविष्य की तकनीकों में ₹1.92 लाख करोड़ का निवेश।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली ब्रिटिश लक्जरी कार निर्माता कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) अगले दो वर्षों में अपने वैश्विक कार्यबल से लगभग 4,000 नौकरियां घटाने जा रही है। 
 
वैश्विक बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और ऑटोमोबाइल उद्योग में आ रहे तीव्र बदलावों के बीच लागत नियंत्रित करने के लिए कंपनी ने यह बड़ा फैसला लिया है।


शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य अपने परिचालन को सुगम बनाना और लगभग 21,760 करोड़ रुपये (1.7 बिलियन पौंड) की बचत कर अपनी ब्रेक-इवन सीमा को घटाकर 3 लाख वाहन सालाना तक लाना है।

प्लांटों में विनिर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों पर असर नहीं 

कंपनी के अनुसार, उसके कुल 43,000 वैश्विक कर्मचारियों में से लगभग 9 प्रतिशत पदों को खत्म किया जाएगा।

हालांकि, जेएलआर ने स्पष्ट किया है कि इस कटौती का प्रभाव प्लांटों में सीधे तौर पर उत्पादन और विनिर्माण के काम में लगे कर्मचारियों पर नहीं पड़ेगा।

कंपनी इस प्रक्रिया को जहां तक संभव हो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Voluntary Retirement) योजनाओं के माध्यम से पूरा करेगी।

कटौती के पहले चरण के लिए कर्मचारी प्रतिनिधियों और ट्रेड यूनियनों के साथ परामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा प्रभावित कर्मचारियों को पूरा सहयोग दिया जाएगा।

भविष्य की तकनीकों में 1.92 लाख करोड़ का निवेश 

एक ओर जहां कंपनी खर्च कम करने के लिए छंटनी कर रही है, वहीं दूसरी ओर भविष्य की ऑटोमोटिव तकनीकों को लेकर उसकी दीर्घकालिक योजनाएं बेहद मजबूत हैं। 
 
जेएलआर अगले पांच वर्षों के दौरान इलेक्ट्रीफिकेशन (EVs), डिजिटल तकनीक, उन्नत विनिर्माण और बेहतर ग्राहक अनुभव विकसित करने के लिए 1.92 लाख करोड़ से 2.30 लाख करोड़ रुपये (15 से 18 बिलियन पौंड) का भारी-भरकम निवेश करेगी।


कंपनी प्रबंधन का कहना है कि इस पुनर्गठन का मकसद अपनी तकनीकी क्षमता और उत्पाद महत्त्वाकांक्षाओं को कमजोर किए बिना कंपनी के लागत ढांचे (Cost Structure) को अधिक कुशल और प्रतिस्पर्धी बनाना है।