100 रुपये में JFC की डील, अब कोच और खिलाड़ियों ने खोला मोर्चा; क्लब प्रबंधन से मांगी NOC
जमशेदपुर एफसी के खिलाड़ी और कोच टाटा स्टील द्वारा चर्चिल ब्रदर्स को क्लब बेचने के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। ...और पढ़ें

जेएफसी खिलाड़ी और कोच टाटा स्टील डील के खिलाफ।
HighLights
जेएफसी खिलाड़ी और कोच टाटा स्टील डील के खिलाफ।
वित्तीय सुरक्षा को लेकर एनओसी की मांग की।
जितेंद्र सिंह, जमशेदपुर। जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (जेएफसी) को गोवा के क्लब चर्चिल ब्रदर्स को बेचे जाने के बाद खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने बगावत कर दी है।
टाटा स्टील और चर्चिल ब्रदर्स के बीच हुई ट्रांसफर डील को नामंजूर करते हुए मुख्य कोच ओवेन कोयल, सहायक कोच अलेक्जेंडर सैंडी और 12 प्रमुख खिलाड़ियों ने क्लब प्रबंधन से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की मांग की है। खिलाड़ी अब इस ट्रांसफर सौदे का हिस्सा बनने के बजाय अपनी पसंद के अन्य क्लबों से जुड़ने की तैयारी में हैं।
वित्तीय अनिश्चितता और भविष्य की चिंता बनी मुख्य वजह
खिलाड़ियों के इस सामूहिक इनकार की मुख्य वजह नए स्वामित्व के तहत दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा को लेकर पैदा हुई गहरी चिंता है। टाटा स्टील जैसे कारपोरेट समूह से जुड़े रहने के कारण खिलाड़ियों को समय पर भुगतान और पूर्ण वित्तीय सुरक्षा की गारंटी मिलती थी।
हालांकि शेयर बिक्री समझौते (एसपीए) के तहत टाटा स्टील ने खिलाड़ियों के अनुबंध जारी रखने का आश्वासन दिया था, लेकिन भारतीय फुटबाल की मौजूदा अनिश्चित व्यावसायिक स्थिति के बीच किसी स्वतंत्र क्लब माडल में स्थानांतरित होना खिलाड़ियों को अपने करियर के लिए बड़ा जोखिम लग रहा है।
एनओसी मांगने वाले कोच व खिलाड़ियों की सूची
क्लब छोड़ने और एनओसी मांगने वाले दल में अंतरराष्ट्रीय अनुभव वाले खिलाड़ी भी शामिल हैं। इनमें मुख्य कोच ओवेन कोएल और सहायक कोच अलेक्जेंडर सैंडी के अलावा गोलकीपर एल्बिनो गोम्स, अमृत गोप व आयुष जेना, डिफेंडर प्रतीक चौधरी, प्रफुल कुमार व निखिल बारला मिडफील्डर प्रणय हलदर, सौरव दास व लालह्रियातुइया छावंगथू तथा फॉरवर्ड मोहम्मद सनाण, श्रीकुट्टन वीएस व रोसेनबर्ग गेब्रियल शामिल हैं।
100 रुपये की वो चर्चित डील
गौरतलब है कि टाटा स्टील ने 14 अगस्त को जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (जेएफएसपीएल) में अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी मात्र 100 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर चर्चिल ब्रदर्स को ट्रांसफर कर दी थी। इस सौदे के तहत जेएफसी का आईएसएल स्पोर्टिंग लाइसेंस, 12 खिलाड़ियों और दो कोचों के अनुबंध सितंबर 2026 से चर्चिल ब्रदर्स को सौंपे जाने थे।
टाटा स्टील ने आईएसएल से हटकर जमीनी स्तर और युवा फुटबॉल विकास पर ध्यान केंद्रित करने की घोषणा की थी, लेकिन खिलाड़ियों के इस विद्रोह से अब पूरे सौदे के क्रियान्वयन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
