दिल्ली में पीजी ढहने से 7 छात्राओं की मौत के बाद भी बेखबर जमशेदपुर प्रशासन, जर्जर इमारतों में चल रहे अवैध हॉस्टल
दिल्ली में पीजी ढहने की घटना के बावजूद जमशेदपुर प्रशासन शहर के जर्जर और अवैध पीजी हॉस्टलों पर ध्यान नहीं ...और पढ़ें

दिल्ली में हुए भयावह हादसे के बावजूद जमशेदपुर का जिला प्रशासन और नगर निकाय पूरी तरह बेखबर बैठे हैं।
HighLights
दिल्ली घटना के बाद भी जमशेदपुर प्रशासन निष्क्रिय।
शहर में जर्जर और अवैध पीजी हॉस्टल संचालित।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी, छात्रों में भय व्याप्त।
जर्जर बहुमंजिला इमारतों में चल रहे अवैध ठिकाने
इन बहुमंजिला इमारतों की स्थिति बेहद जर्जर है:
- उधड़ता प्लास्टर व सीलन: छतों और दीवारों का प्लास्टर झड़ रहा है, कई जगह दीवारों पर पेड़-पौधे तक उग आए हैं।
- लटकते तारों का जाल: पूरी गली और इमारतों के बाहर बिजली के तारों का खतरनाक जाल झूल रहा है, जिससे शॉर्ट सर्किट का हर वक्त खतरा बना रहता है।
- अवरुद्ध रास्ते: मुख्य द्वारों पर कचरे और मलबे का ढेर लगा है। ऐसी तंग गलियों में किसी आपात स्थिति में अग्निशमन वाहन (फायर ब्रिगेड) या एम्बुलेंस का पहुंचना पूरी तरह नामुमकिन है।
बिना सुरक्षा मानकों के भारी किराया वसूली, छात्रों में दहशत
छात्रा प्रिया शर्मा के अनुसार, कमरों में वेंटिलेशन तक की व्यवस्था नहीं है और शिकायत करने पर रूम खाली करने की धमकी दी जाती है। वहीं साकची के राहुल वर्मा का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी आज तक किसी भी जांच के लिए नहीं पहुंचे हैं।
यदि समय रहते नगर निकाय और जिला प्रशासन ने इन अवैध व जर्जर पीजी हॉस्टलों की जांच कर कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो जमशेदपुर में भी दिल्ली जैसी भीषण त्रासदी से इनकार नहीं किया जा सकता।
