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    मानगो गांधी मैदान में खुले में सड़ रहे निगम के करोड़ों के सफाई उपकरण; दुर्गापूजा से पहले सफाई कराने की चुनौती

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 07:00 AM (IST)

    मानगो गांधी मैदान में नगर निगम के करोड़ों के आधुनिक सफाई उपकरण खुले में पड़े-पड़े खराब हो रहे हैं। बारिश और नमी से जंग लगने के कारण मशीनों को भारी नुक ...और पढ़ें

    मानगो गांधी मैदान में रखे करोड़ों रुपये के आधुनिक सफाई उपकरण हो रहे बेकार।

    मानगो गांधी मैदान में रखे करोड़ों रुपये के आधुनिक सफाई उपकरण हो रहे बेकार।

    HighLights

    1. करोड़ों के सफाई उपकरण खुले आसमान के नीचे खराब।

    2. बारिश और नमी से मशीनों में लग रही है जंग।

    3. दुर्गापूजा से पहले उपकरणों को हटाना बड़ी चुनौती।

    जासं, जमशेदपुर। मानगो नगर निगम की लापरवाही के कारण गांधी मैदान में रखे करोड़ों रुपये के आधुनिक सफाई उपकरण खुले आसमान के नीचे बारिश और नमी की मार झेल रहे हैं। 
     
    लंबे समय से इन कीमती मशीनों को सुरक्षित रखने के लिए किसी स्थायी शेड या गोदाम (यार्ड) की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे उपकरणों में जंग लग रही है और उनके पूरी तरह खराब होकर कबाड़ में तब्दील होने की आशंका बढ़ गई है।
     

    लाखों-करोड़ों की आधुनिक मशीनें पड़ रहीं खराब

    गांधी मैदान में इस वक्त नगर निगम की कई भारी और तकनीकी मशीनें लावारिस हालत में खड़ी हैं। इनमें रोड स्वीपिंग मशीन, मैकेनिकल रोड स्वीपर, कम्पैक्टर मशीन, हाइड्रोलिक टिपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली, मिनी टिपर, ऑटो टिपर और पानी के बड़े टैंकर शामिल हैं। 
     
    इसके अलावा सीवर व ड्रेनेज सक्शन मशीन, फॉगिंग मशीन, कचरा उठाने वाली लोडर मशीन, जेसीबी, पोर्टेबल कचरा कंटेनर और दर्जनों गार्बेज बिन खुले में पड़े-पड़े जंग खा रहे हैं।
     

    तकनीकी खराबी और वित्तीय नुकसान का मंडराया खतरा

    लगातार बारिश और नमी के संपर्क में रहने के कारण लोहे के उपकरणों में तेजी से जंग फैल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक खुले में पड़े रहने से मशीनों के इंजन, हाइड्रोलिक सिस्टम, इलेक्ट्रिकल वायरिंग और तकनीकी हिस्से गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं। 
     
    इससे आने वाले समय में इनके रखरखाव (मेंटेनेंस) पर नगर निगम को अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ेगा। गांधी मैदान स्थानीय स्तर पर दुर्गापूजा मेला व अन्य बड़े धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र है। 
     
    अब दुर्गापूजा की तैयारियां शुरू होने वाली हैं, ऐसे में मैदान से इन भारी-भरकम उपकरणों को हटाकर कहीं और सुरक्षित शिफ्ट करना नगर निगम के लिए बड़ी सिरदर्दी बन गया है। 
     
    सवाल यह उठ रहा है कि जब करोड़ों रुपये खर्च कर उपकरण खरीदे गए, तो उनके रखरखाव के लिए अब तक स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?