जमशेदपुर के LIC भवन में भीषण आग, 45 AC समेत सैकड़ों कंप्यूटर जलकर खाक; बाल-बाल बची 2 कर्मचारियों की जान
जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित एलआईसी भवन की दूसरी मंजिल पर शनिवार देर रात भीषण आग लग गई। दमकल की पांच ...और पढ़ें
HighLights
एलआईसी भवन की दूसरी मंजिल पर लगी भीषण आग।
दमकल की पांच गाड़ियों ने तीन घंटे में आग बुझाई।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, कोई हताहत नहीं।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र बिष्टुपुर स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) भवन की चौथी मंजिल पर देर रात भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में एलआईसी कार्यालय का पूरा कान्फ्रेंस हाल, 45 एसी, 20 लैपटाप और सैकड़ों कंप्यूटर जलकर खाक हो गए।
गनीमत यह रही कि समय रहते इमारत में फंसे दो कर्मचारियों (रात्रि प्रहरी) को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। टाटा स्टील और झारखंड अग्निशमन विभाग की पांच दमकल गाड़ियों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से चला पता
यह घटना रात करीब सवा दो बजे की है। शहर जब गहरी नींद में था, तब एलआइसी बिल्डिंग की चौथी मंजिल से अचानक धुआं और आग की तेज लपटें उठने लगीं।
सबसे पहले पड़ोस में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के सतर्क सुरक्षाकर्मियों ने इसे देखा। उन्होंने बिना समय गंवाए इसकी सूचना पुलिस, अग्निशमन विभाग और एलआइसी के अधिकारियों को दी।
बाजार तक आग फैलने का था खतरा
सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग और टाटा स्टील की दमकल टीमें मौके पर पहुंच गईं। बिष्टुपुर एक घनी आबादी और व्यस्त बाजार वाला इलाका है। इसलिए प्रशासन की पहली प्राथमिकता आग को आसपास की व्यावसायिक इमारतों तक फैलने से रोकना था।
दमकल कर्मियों ने चारों तरफ से पानी की बौछार शुरू की। करीब तीन घंटे के सघन अभियान के बाद सुबह चार बजे के आसपास आग पर नियंत्रण पाया जा सका। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी थी।
आग एलआइसी के महत्वपूर्ण दफ्तर और कांफ्रेंस हाल में लगी थी। प्रारंभिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि भीतर रखे सारे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्नीचर और कई अहम विभागीय दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए।
अधिकारियों ने लिया जायजा
घटना की सूचना पाते ही एलआइसी के वरीय अधिकारी रात में ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे। हालांकि, इमारत में अत्यधिक गर्मी और धुआं भरा होने के कारण तुरंत अंदर जाना संभव नहीं था।
अब आग पूरी तरह से बुझने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही नुकसान का सटीक और विस्तृत आकलन किया जा सकेगा। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और भवन की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।
