राशन के लिए लंबी लाइनों से मुक्ति: जमशेदपुर में ग्रेन एटीएम से अब अब कार्डधारकों को 5 मिनट में मिलेगा 50 किलो अनाज
जमशेदपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए ग्रेन एटीएम का सफल परीक्षण किया गया है। ...और पढ़ें

शुक्रवार को मशीन से अनाज निकालने और उसके वजन की सटीक जांच की गई, जिसके बाद अब इसके उद्घाटन और नियमित संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
HighLights
जमशेदपुर में ग्रेन एटीएम का ट्रायल पूरी तरह सफल रहा।
बायोमेट्रिक सत्यापन से 5 मिनट में 50 किलो अनाज मिलेगा।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और गति बढ़ेगी।
जासं, जमशेदपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक तेज, आसान और पारदर्शी बनाने के लिए देश भर में तकनीक का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
इसी कड़ी में अब राशन दुकानों की लंबी कतारों और तौल में गड़बड़ी से राहत दिलाने के लिए ग्रेन एटीएम (अन्नपूर्ति मशीन) की शुरुआत की जा रही है।
झारखंड के जमशेदपुर में इस दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थापित किए गए ग्रेन एटीएम का ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है।
शुक्रवार को मशीन से अनाज निकालने और उसके वजन की सटीक जांच की गई, जिसके बाद अब इसके औपचारिक उद्घाटन और नियमित संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
यह आधुनिक मशीन राशन कार्डधारकों को उनके निर्धारित कोटे के अनुसार तुरंत गेहूं और चावल उपलब्ध कराएगी। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसकी गति और सटीकता है।
अन्नपूर्ति मशीन के माध्यम से महज पांच मिनट के भीतर 50 किलोग्राम तक अनाज प्राप्त किया जा सकता है। इसमें लाभार्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन राशन कार्ड या पहचान पत्र से जुड़ी प्रणाली के आधार पर किया जाता है।
सत्यापन पूरा होते ही निर्धारित मात्रा में अनाज सीधा थैले में आ जाता है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि तौल में किसी भी प्रकार की हेराफेरी और अनाज की बर्बादी पर भी रोक लगेगी।
देशभर में इस स्वचालित राशन वितरण व्यवस्था का दायरा तेजी से फैल रहा है। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में अगस्त 2024 से 24 घंटे संचालित होने वाला ग्रेन एटीएम सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है।
जबकि झारसुगुड़ा में भी इसे स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त गुजरात के भावनगर तथा छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में यह सेवा शुरू हो चुकी है। बिहार के पटना और राजस्थान के विभिन्न शहरों में भी इसे लगाने की योजना है।
झारखंड में रांची, जमशेदपुर और धनबाद को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुना गया है। जमशेदपुर में सफल ट्रायल के बाद अब जल्द ही आम लाभार्थियों को बिना किसी मानवीय दखल के पारदर्शी तरीके से राशन मिल सकेगा।
