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    JFC बंद हुआ तो टूट जाएंगे युवाओं के सपने: ISL से टाटा स्टील के पीछे हटने के फैसले पर साकची में जोरदार प्रदर्शन

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 11:58 PM (GMT+05:30)

    टाटा स्टील द्वारा जमशेदपुर एफसी को इंडियन सुपर लीग से वापस लेने के फैसले के खिलाफ जमशेदपुर में प्रशंसकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। फैंस ने JFC को शहर क ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. टाटा स्टील के JFC को ISL से हटाने के फैसले का विरोध।

    2. प्रशंसकों ने JFC को शहर का स्वाभिमान बताया, युवाओं के सपने।

    3. AIFF ने टाटा को 12 अगस्त तक पुनर्विचार का समय दिया।

    जासं, जमशेदपुर। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जहां छात्र अपनी नौकरी और भविष्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं, वहीं जमशेदपुर में शहर की पहचान और फुटबॉल की आत्मा को बचाने की जंग छिड़ गई है। 
     
    रविवार को लौहनगरी की सड़कों पर खेलप्रेमियों का हुजूम "जेएफसी बचाओ, भारतीय फुटबॉल बचाओ" के नारों के साथ उतर आया। साकची गोलचक्कर पर तख्तियों और बैनरों के साथ फैंस ने जोरदार प्रदर्शन किया।
     

    AIFF की समय सीमा नजदीक, प्रशंसकों का फूटा गुस्सा

    टाटा स्टील द्वारा जमशेदपुर एफसी (JFC) को इंडियन सुपर लीग (ISL) से वापस लेने के अप्रत्याशित फैसले के खिलाफ प्रशंसकों का गुस्सा चरम पर है। 
     
    ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने टाटा प्रबंधन को इस फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए 12 अगस्त तक का समय दिया है। डेडलाइन नजदीक आती देख फैंस ने साकची गोलचक्कर पर एकजुट होकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
     

    JFC सिर्फ क्लब नहीं, शहर का स्वाभिमान है

    प्रशंसक समूह द ट्राइब्स आर्मी के राजा हांसदा ने कहा कि JFC ने शहर को एक नई पहचान दी है और विभिन्न वर्गों के लोगों को एक सूत्र में पिरोया है। 
     
    वहीं द रेड माइनर्स के शेख इमरान ने कहा क‍ि यह क्लब हमारा स्वाभिमान है। पहले बच्चे विदेशी क्लबों की जर्सी पहनते थे, लेकिन आज गर्व से JFC की लाल जर्सी पहनते हैं। इसे खोना बच्चों के सपनों को कुचलने जैसा होगा।
     

    खिलाड़ियों ने कहा: बंद हो जाएंगे झारखंड के युवाओं के रास्ते

    टाटा फुटबॉल अकादमी (TFA) के वरिष्ठ मिडफील्डर प्रणय हलदार, डिफेंडर निखिल बारला और गोलकीपर अमृत गोप ने चिंता जताते हुए कहा कि JFC बंद होने से राज्य के युवाओं का पेशेवर फुटबॉल खेलने का मार्ग बंद हो जाएगा। 
     
    उन्हें अवसरों की तलाश में फिर दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ेगा। खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने टाटा प्रबंधन से भावुक अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक सौगात को शहर से न छीनें।