जमशेदपुर में 72 घंटे में डेंगू के 2 नए मामले, मलेरिया जांच में मिले 38 मरीज; पोटका बना मलेरिया का हॉटस्पॉट
जमशेदपुर में मानसूनी मौसम के साथ डेंगू और मलेरिया के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। 72 घंटे में डेंगू के दो नए मामले और मलेरिया के 38 मरीज सामने आए हैं, ज ...और पढ़ें

जमशेदपुर में डेंगू और मलेरिया के मामलों में अचानक दर्ज की गई बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
HighLights
जमशेदपुर में 72 घंटे में डेंगू के दो नए मामले।
स्वास्थ्य विभाग ने सफाई और फागिंग के दिए निर्देश।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। औद्योगिक नगरी जमशेदपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में मानसूनी मौसम के साथ ही मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
शहर में डेंगू और मलेरिया के मामलों में अचानक दर्ज की गई बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। महज 72 घंटे के भीतर डेंगू का दूसरा मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है।
सीतारामडेरा में 11 वर्षीय किशोर डेंगू संक्रमित
ताजा मामला जमशेदपुर के सीतारामडेरा इलाके का है, जहां एक 11 वर्षीय किशोर में डेंगू के संक्रमण की पुष्टि हुई है। किशोर को पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण थे।
लक्षण गंभीर होने पर जिला सर्विलांस विभाग की टीम ने किशोर का ब्लड सैंपल एकत्र कर जांच के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज (MGM Medical College) की प्रयोगशाला में भेजा था।
लैब से आई जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई। हालांकि, चिकित्सकों के अनुसार किशोर की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर और सामान्य बनी हुई है।
इससे पूर्व शनिवार को टीएमएच (TMH) नर्सिंग हॉस्टल की एक छात्रा में भी डेंगू के लक्षण पाए गए थे। लगातार दो मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को सतर्क कर दिया है।
सभी अस्पतालों को डेंगू संदिग्धों के इलाज के लिए विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सफाई और फागिंग के सख्त निर्देश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जमशेदपुर के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने शहर के तीनों नगर निकायों (जमशेदपुर अक्षेस, मानगो नगर निगम और जुगसलाई नगर परिषद) को पत्र जारी किया है।
सिविल सर्जन ने सभी इलाकों में नियमित सफाई अभियान चलाने और जलजमाव वाले स्थानों पर मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए फागिंग व लार्विसाइडल के छिड़काव का आग्रह किया है।
इसके साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि वे घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और बुखार के लक्षण दिखते ही तत्काल चिकित्सीय सलाह लें।
जिले में मलेरिया के 38 नए मरीज, पोटका सबसे ज्यादा प्रभावित
डेंगू के साथ-साथ जिले के ग्रामीण और शहरी प्रखंडों में मलेरिया का प्रकोप भी देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के तहत कुल 5,119 लोगों के रक्त नमूनों की जांच की गई।
जांच में से 38 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। इनमें प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (PF) के 31 और प्लास्मोडियम वाइवैक्स (PV) के 7 मामले शामिल हैं।
प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार, पोटका में सबसे अधिक 11 मरीज मिले हैं। इसके बाद पटमदा में 9 और मुसाबनी में 6 मरीजों की पुष्टि हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में सर्विलांस टीम को नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।