हिमांशु मर्डर केस: बार के CCTV फुटेज में मिले कई संदिग्ध चेहरे, राहुल दुबे की तलाश
जमशेदपुर के डीडी बार में गाना बजाने और पैसे लुटाने को लेकर हुए विवाद के बाद हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में एसआईटी को सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग म ...और पढ़ें

HighLights
सीसीटीवी फुटेज से कई संदिग्ध चेहरों की पहचान हुई।
राहुल दुबे की तलाश जारी, पूर्व हत्याकांड में भी नाम।
गाना बजाने और पैसे लुटाने पर विवाद से हत्या।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार परिसर में 27 जून की रात हुई मारपीट और उसके बाद हिमांशु सिंह की हत्या के मामले की जांच को गठित एसआईटी को सीसीटीवी फुटेज से कई अहम सुराग मिले हैं।
बार के अंदर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग में सोनारी निवासी राहुल दुबे समेत कई संदिग्ध चेहरे दिखाई दिए हैं। जांच में सामने आया है कि डांस फ्लोर पर बार-बार गाना बजाने और रुपये लुटाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया।
सूत्रों के अनुसार, राहुल दुबे का डीडी बार में अक्सर आना-जाना था और बार में किसी प्रकार का विवाद होने पर वह मामलों को सुलझाने या मैनेज करने की भूमिका निभाता था। घटना की रात भी उसने बार के मैनेजर समेत अन्य लोगों से संपर्क किया था।
फिलहाल एसआईटी उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने मानगो के हिलव्यू कॉलोनी स्थित उसके एक रिश्तेदार के घर पर भी दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लग सका।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि राहुल दुबे का नाम वर्ष 2021 में सोनारी थाना क्षेत्र में हुए रोहित पासवान हत्याकांड में भी सामने आया था। वह रवि दास गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है।इधर, रिमांड पर लिए गए सोनू राम सरदार और राज लोहार से एसआईटी की पूछताछ जारी है।
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दोनों ने पुलिस को बताया कि डांस फ्लोर पर गाना बजाने और रुपये लुटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिस पर बार के मैनेजर और बाउंसरों ने दोनों पक्षों को बाहर निकाल दिया।
पूछताछ में सोनू राम सरदार ने बताया कि मारपीट में वह घायल हो गया था। इसके बाद उसके सहयोगी विश्वनाथ बोदरा ने अपने अन्य साथियों को बुलाया, जिसके बाद घटनाक्रम ने हिंसक रूप ले लिया और हत्या की वारदात हुई। घटना में ये भी सूचना आ रही कि पूरा मामला सफेदपोश और अपराधियों के गठजोड़ से है।
वहीं फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए शहर के विभिन्न डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। घटना के बाद बार को सील कर दिया गया था। बाद में सील खोलकर एसआईटी ने बार के भीतर लगे सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की और डीवीआर जब्त किया है।
पुलिस का मानना है कि फुटेज और पूछताछ से मिले इनपुट के आधार पर फरार आरोपितों तक जल्द पहुंचने में सफलता मिल सकती है। मामले में मुख्य आरोपित दो लाख के इनामी गम्हरिया डूडरा निवासी विश्वनाथ मंडल की तलाश में एसआईटी टीम की ओडिशा और पश्चिम बंगाल में छापेमारी जारी है। गिरफ्तारी के दबाव को पुलिस ने उसकी पत्नी को गम्हरिया थाना में रखा है।