दलमा तराई में 1 करोड़ के इनामी आकाश के दस्ते को झटका: अनीता ने किया आत्मसमर्पण, कांबिंग ऑपरेशन तेज
चांडिल और कांड्रा क्षेत्र में तीन माओवादियों की गिरफ्तारी के बाद दलमा तराई में नक्सल विरोधी अभियान तेज हुआ। अभियान के दौरान महिला माओवादी अनीता ने आत् ...और पढ़ें

रविवार को पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम ने सरायकेला-खरसावां जिले के दलमा पहाड़ी में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया।
HighLights
दलमा तराई में नक्सल विरोधी अभियान हुआ तेज।
महिला माओवादी अनीता ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए।
जासं, चांडिल। चांडिल और कांड्रा थाना क्षेत्र से तीन हार्डकोर माओवादियों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा बलों ने दलमा तराई में नक्सल विरोधी अभियान को अत्यधिक तेज कर दिया है।
रविवार को पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम ने सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अंतर्गत दलमा पहाड़ी के सुदूर इलाकों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया।
इस दौरान चाईबासा की रहने वाली महिला माओवादी अनीता ने घातक हथियार के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
एक करोड़ के इनामी आकाश का दस्ता सक्रिय
इस वृहद अभियान का नेतृत्व सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार स्वर्गियारी स्वयं कर रहे हैं। सुरक्षा बलों के अनुसार, दलमा क्षेत्र में एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी केंद्रीय समिति सदस्य असीम मंडल उर्फ आकाश का दस्ता सक्रिय है।
हाल ही में पकड़े गए तीन हार्डकोर नक्सलियों- मदन महतो, रवि सिंह सरदार और उसकी पत्नी मीना पहाड़िया से कड़ाई से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस को यह बड़ी सफलता हासिल हुई है।
आसनबनी के जंगलों से हथियारों का जखीरा बरामद
सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने चांडिल थाना क्षेत्र की आसनबनी पंचायत के सुदूर तराई जंगलों को खंगाला, जहां नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए घातक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किए गए।
भौगोलिक रूप से सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिम बंगाल की सीमाओं से सटे दलमा वन क्षेत्र का उपयोग नक्सली छिपने के लिए करते रहे हैं।
वर्तमान में पुलिस रिमांड पर ली गई महिला माओवादी मीना से मिली गुप्त जानकारियों के आधार पर संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
मुख्यधारा में लौटने की अपील
महिला माओवादी अनीता के आत्मसमर्पण और हथियारों की बड़ी बरामदगी को संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि झारखंड सरकार की पुनर्वास व आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर भटके हुए नक्सली अब हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुलिस के बढ़ते दबाव से असीम मंडल का दस्ता काफी कमजोर हो चुका है। सुरक्षा बलों ने शेष नक्सलियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील की है और कहा कि नक्सलियों के संपूर्ण सफाए तक यह संयुक्त अभियान जारी रहेगा।