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चांडिल रेलवे ओवरब्रिज के पास पहाड़ दरका: सड़क पर गिरा मलबा, सुरक्षा इंतजाम न होने से आक्रोश

Published: Tue, 18 Aug 2026 01:21 PM (IST)

चांडिल में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के पास भारी बारिश के कारण पहाड़ का एक हिस्सा सड़क पर गिर गया, जिससे ...और पढ़ें

पहाड़ दरकने के बाद सड़क पर मलबा गिर जाने के कारण आवागमन बाधित हो गया।

पहाड़ दरकने के बाद सड़क पर मलबा गिर जाने के कारण आवागमन बाधित हो गया।

HighLights

  1. बारिश से चांडिल में पहाड़ का हिस्सा सड़क पर गिरा।

  2. निर्माणाधीन सड़क पर सुरक्षा उपायों की कमी से खतरा।

  3. ग्रामीणों ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की।

जागरण संवाददाता, चांडिल। चांडिल गोलचक्कर के समीप निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के लिए पहाड़ काटकर बनाई गई नई सड़क पर मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। 
 
क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कांड्रा की ओर जाने वाली सड़क पर पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक दरककर सड़क पर आ गिरा।

 

गनीमत यह रही कि जिस समय पहाड़ का मलबा नीचे गिरा, उस दौरान वहां से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था। इसके चलते एक बड़ी अनहोनी टल गई। 
 
हालांकि, सड़क पर भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थरों का मलबा जमा होने के कारण वाहन चालकों और स्थानीय राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


अधूरे निर्माण और लचर सुरक्षा व्यवस्था से खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार, पहाड़ काटकर सड़क का निर्माण तो कर दिया गया है, लेकिन कटाव वाले संवेदनशील हिस्सों पर मिट्टी और पत्थरों को खिसकने से रोकने के लिए अब तक कोई ठोस सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। 
 
सड़क का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह से संपन्न भी नहीं हुआ है, फिर भी इस मार्ग पर वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही जारी है। बारिश के मौसम में पहाड़ से लगातार मिट्टी और पत्थर खिसकने का जोखिम बना हुआ है, जिससे यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।


स्थानीय ग्रामीणों ने की सुरक्षा पुख्ता करने की मांग

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग के प्रति गहरा असंतोष है। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ काटकर बनाई गई सड़कों के किनारे तुरंत रिटेनिंग वॉल (प्रतिधारक दीवार) या सुरक्षा जाल लगाए जाने चाहिए। 
 
यदि समय रहते सुरक्षा के कड़े इंतजाम नहीं किए गए, तो बारिश के दौरान दोबारा पहाड़ दरकने से कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

 

ग्रामीणों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी से मांग की है कि इस पूरे मार्ग का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। जहां भी कटाव का खतरा अधिक है, वहां तुरंत सुरक्षा उपाय किए जाएं और सड़क पर फैले मलबे को हटाकर यातायात सुगम बनाया जाए। 
 
ग्रामीणों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद लीपापोती करने से बेहतर है कि समय रहते पुख्ता कदम उठाए जाएं।