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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    BPSC TRE 3 Paper Leak मामले में बड़ा खुलासा: पुलिस के पहुंचते ही होटल में चल रहा था यह काम, बाथरूम के फ्लश...

    Updated: Mon, 18 Mar 2024 09:11 AM (IST)

    BPSC TRE 3 Paper Leak बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र व आंसर लीक होने के मामले में नए-नए तथ्‍य निकलकर सामने आ रहे हैं। इस मामले में हजारीबाग ...और पढ़ें

    हजारीबाग के इसी होटल में की गई थी छापामारी।
    हजारीबाग के इसी होटल में की गई थी छापामारी।

    HighLights

    1. बिहार टीआरई तीन परीक्षा में पेपर लीक में बिहार-झारखंड था सबसे बड़ा छापा।
    2. 270 परीक्षार्थी को पटना में भेजा गया है जेल, 600 एडमिट कार्ड हुए थे बरामद।
    3. परीक्षा के पहले लीक हो गया था प्रश्न पत्र, हजारीबाग लाकर परीक्षार्थियों लगवाया जा रहा था रटा।

    विकास कुमार, हजारीबाग। BPSC TRE 3 Paper Leak: बिहार में शुक्रवार 15 मार्च बीपीएससी द्वारा आयोजित शिक्षक नियुक्ति परीक्षा (BPSC TRE 3 Paper Leak) में प्रश्न पत्र लीक का भंडाफोड़ हो चुका है। इसमें आर्थिक अपराध अनुसंधान टीम पटना, बिहार की सूचना पर हजारीबाग पुलिस ने प्रश्न पत्र में लीक मामले में बिहार-झारखंड में अब तक का सबसे बड़ा छापा मारा था। इस मामले में हजारीबाग में हिरासत में लिए गए 270 अभ्यर्थियों को बिहार पुलिस ने जेल भेज दिया है।

    प्रश्‍न पत्रों को किया गया फ्लश

    वहीं हजारीबाग में शुक्रवार 15 मार्च की सुबह पुलिस की छापामारी के बाद अभ्यर्थियों ने सबूत मिटाने का हर संभव प्रयास किया था। जानकारी के मुताबिक, जब छापा पड़ा तो सभी होटल के पांचवें तल्ले में पहुंच गए। वहां दिए गए प्रश्नों को बाथरूम में जाकर फ्लश कर दिया।

    वहीं बाथरूम के बाल्टी में पानी भर कर सभी प्रश्नों को डाल दिया जाए ताकि पानी से गीला होकर प्रश्न पत्र बेकार हो जाए। लेकिन, पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी एक नही चली। वहां से प्रश्नों को बरामद किया गया।

    साथ ही साल्वर के पास दो आइफोन बरामद किए गए थे, जिसमें दूसरी पाली के प्रश्न पत्र मौजूद थे। इसके अलावा लैपटाप में प्रश्न पत्र की कापियां मिली थी। वही इस पूरे मामले में कोहिनूर होटल संचालक की भूमिका को लेकर भी बिहार पुलिस जांच कर रही है।

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    पहले रांची और फिर बरही के नाम पर की बुकिंग

    जानकारी के अनुसार परीक्षा माफियाओं सबसे पहले सभी पांच बसों को रांची के नाम पर बुक किया था। लेकिन, फिर अचानक अपनी योजना को बदलते हुए उन्होंने सभी बसों को बरही तक की चलने को कहा।

    एक तरह की बुकिंग के लिए एक बस को 60 हजार रुपये दिए गए थे। हालांकि, वापस पटना पहुंचने के लिए ही इनकी योजना का भड़ाफोड़ हो गया।

    अब भी कई सवालों के जवाब मिलने बाकी

    हालांकि, प्रश्न पत्र लीक की पुष्टि हो चुकी है। 10 सॉल्वर व गैंग के सदस्य जेल पहुंच चुके हैं। इसके बावजूद अभी भी इस पूरे प्रकरण में कई सवाल अनसुलझे हुए हैं।

    पुलिस उन दो स्थानीय लोगों को पता नही लगा पाई है, जिन्हाेंने हाेटल और परीक्षार्थियों के लिए गाड़ी बुक करने का काम किया। बताया जाता है कि 50 से अधिक छोटी गाड़ियों की बुकिंग की गई थी। वही होटल में बरामद बिहार स्वास्थ्य समिति के उपसचिव के बोर्ड लगे वाहन पर कौन था। यह अब स्पष्ट नही हो पाया है।

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