काला जादू या क्रूर साजिश? हजारीबाग में मासूम की मौत से कांपा गांव
हजारीबाग के विष्णुगढ़ में 13 वर्षीय बच्ची की अंधविश्वास के चलते हत्या कर दी गई। इस मामले में बच्ची की मां, एक सहयोगी और तांत्रिक महिला शांति देवी को ग ...और पढ़ें

अंधविश्वास ने ली मासूम की जान, हजारीबाग में दो परिवारों पर टूटा संकट। (फोटो: जागरण)
HighLights
विष्णुगढ़ में 13 वर्षीय बच्ची की अंधविश्वास के कारण हत्या।
बच्ची की मां, तांत्रिक महिला सहित तीन लोग गिरफ्तार।
तांत्रिक के बच्चों को प्रशासन ने मदद का आश्वासन दिया।
संवाद सूत्र, विष्णुगढ़ (हजारीबाग)। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में घटी 13 वर्षीय बच्ची हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस मामले में बच्ची की मां, उसके करीबी सहयोगी भीम राम और गांव की तांत्रिक महिला शांति देवी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
आरोप है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के प्रभाव में मासूम बच्ची की निर्मम हत्या की गई। घटना ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ा, बल्कि दूसरी ओर एक और घर को संकट में डाल दिया।
जिसने तंत्र-मंत्र किया, उसी के घर में पसरा अभाव
गिरफ्तार तांत्रिक महिला शांति देवी के अपने घर की कहानी भी कम दर्दनाक नहीं है। पति ईश्वर हजाम की मृत्यु के बाद उसने तंत्र-मंत्र का सहारा लिया। वर्ष 2016 में उसके बेटे मुरली ठाकुर की मौत हो गई।
बेटे की मौत के बाद बहू तीन छोटे बच्चों को छोड़ अपने चचेरे देवर के साथ मुंबई चली गई और दूसरी शादी कर ली। तब से तीनों बच्चों विशाल, विक्की और खुशी की परवरिश की जिम्मेदारी दादी शांति देवी पर आ गई।
आज विशाल लगभग 22 वर्ष का है और मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जाता है। विक्की 18 वर्ष का होकर पढ़ाई छोड़ चुका है, जबकि 13 वर्षीय खुशी सातवीं कक्षा में पढ़ती है।
दादी जेल गई, सबसे ज्यादा टूटी खुशी
दादी के जेल जाने के बाद सबसे अधिक असर खुशी पर पड़ा है। घर में कमाने वाला कोई नहीं, सहारा भी सीमित। बताया जाता है कि वह अपने बड़े भाई को छोड़ कहीं जाने को तैयार नहीं थी। स्थिति की जानकारी मिलने पर विष्णुगढ़ के प्रखंड विकास पदाधिकारी अखिलेश कुमार गांव पहुंचे। उन्होंने परिवार को तत्काल सहायता देने का भरोसा दिया।
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अंत्योदय योजना के तहत पीला राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कराई गई। गैस कनेक्शन दिलाने की पहल हुई। खुशी का नामांकन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कराने की कोशिश की गई।
शुरुआत में खुशी ने बड़े भाई को छोड़ने से इंकार कर दिया, लेकिन काफी समझाने के बाद वह तैयार हुई। कुसुंभा मुखिया दुलार चंद पटेल भी उसे समझाने में जुटे रहे।
बड़े भाई के इलाज का भरोसा, गांव में जागरूकता बैठक
बीडीओ ने मानसिक रूप से अस्वस्थ बड़े भाई के इलाज की भी बात कही। मौके पर जेएसएलपीएस के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की बैठक आयोजित कर तंत्र-मंत्र, डायन-बिसाही और अंधविश्वास से दूर रहने की अपील की गई।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अरुण कुमार सिंह ने चिकित्सकीय टीम के साथ पहुंचकर परिवार के सभी सदस्यों की स्वास्थ्य जांच की।
पीड़ित परिवार ने कहा जांच निष्पक्ष हो
इधर गिरफ्तार बच्ची की मां के बेटे ने कहा कि यदि उसकी मां दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन जांच पूरी निष्पक्ष होनी चाहिए। बहन ने भी यही बात दोहराई। बच्ची के पिता ने कहा कि गला दबाकर हत्या की बात कही जा रही है, लेकिन इसका स्पष्ट साक्ष्य सामने आना चाहिए।
गांव में चर्चा अंधविश्वास ने छीनी एक मासूम की जिंदगी
गांव में पुलिस कार्रवाई को सामान्य कानूनी प्रक्रिया माना जा रहा है, लेकिन घटना ने अंधविश्वास के खतरनाक असर पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक मां पर बेटी की हत्या का आरोप और दूसरी मां जैसी दादी का जेल जाना दोनों ने गांव के दो परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है।
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