पारसनाथ जोन में आतंक का पर्याय था 25 लाख का इनामी मोछू, 240 से अधिक माओवादी घटनाओं को दिया था अंजाम
गिरिडीह पुलिस ने 25 लाख के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ टाइगर को पारसनाथ जोन में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत गिरफ्तार किया। ...और पढ़ें

गिरिडीह पुलिस की गिरफ्त में माओवादी अजय महतो उर्फ मोछू। (फोटो जागरण)
HighLights
25 लाख का इनामी नक्सली अजय महतो गिरफ्तार।
पारसनाथ जोन में चला नक्सल विरोधी अभियान।
नक्सली पर झारखंड में 240 मामले दर्ज।
जागरण संवाददाता, गिरिडीह। भाकपा (माओवादी) संगठन के सैक (स्पेशल एरिया कमेटी) सदस्य एवं 25 लाख रुपये के इनामी अजय महतो उर्फ बासुदेव उर्फ टाइगर उर्फ मोछू को गिरिडीह पुलिस ने शनिवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इससे पहले उसे गिरिडीह न्यायालय में पेश किया गया।
गिरिडीह पुलिस ने गुरुवार की रातमोछू को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार माओवादी नक्सली गतिविधियों को अंजाम देने के इरादे से पारसनाथ जोन पहुंचा था। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे माओवादी विरोधी अभियान के तहत पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, वह विभिन्न क्षेत्रों से भागते और छिपते हुए ग्रामीण वेशभूषा में हरलाडीह के जंगलवर्ती इलाके में पहुंचा था तथा किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। इसी दौरान उसे दबोच लिया गया।
हालांकि, उसके पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने शनिवार शाम अपने कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।
एसपी ने बताया कि अजय महतो के खिलाफ झारखंड के विभिन्न जिलों में हत्या, आईईडी ब्लास्ट, सुरक्षा बलों पर हमला, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत नक्सली वारदातों से संबंधित 240 से अधिक मामले दर्ज हैं।
उन्होंने बताया कि पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर गिरिडीह के पारसनाथ जोन में जिला पुलिस तथा सीआरपीएफ की 209 कोबरा बटालियन द्वारा नियमित रूप से नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में तकनीकी एवं मानवीय सूचना के आधार पर हरलाडीह के पिपराडीह गांव स्थित खवासटांड़ टोला के घने जंगल में घेराबंदी कर अजय महतो को गिरफ्तार किया गया। अभियान का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सुरजीत कुमार कर रहे थे।
प्रेसवार्ता में एसपी के अलावा अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद थे। इसके बाद अजय महतो को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सदर अस्पताल में चिकित्सीय जांच कराकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।