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    कल्पना के क्षेत्र में झारखंड का सबसे बड़ा चेकडैम बेंगाबाद में खुला, वन मंत्री बोले- तीन साल में बदलेगी तस्वीर

    By Rambijay Singh Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Fri, 17 Apr 2026 05:51 AM (IST)

    Kalpana Sorenः गिरिडीह के बेंगाबाद स्थित घाघरा वन क्षेत्र में झारखंड के सबसे बड़े चेकडैम का उद्घाटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और विधायक कल्पना मुर्मू ...और पढ़ें

    चेक डैम का उद्घाटन करतीं विधायक कल्पना सोरेन और उपस्थित मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू।

    चेक डैम का उद्घाटन करतीं विधायक कल्पना सोरेन और उपस्थित मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू।

    HighLights

    1. गिरिडीह के घाघरा वन क्षेत्र में सबसे बड़ा चेकडैम उद्घाटित।

    2. जल संरक्षण, वन संवर्धन में सहायक होगा यह चेकडैम।

    3. भविष्य में बड़ा पर्यटन स्थल बनने की प्रबल संभावना।

    संस, जागरण, बेंगाबाद ( गिरिडीह)। बड़कीटांड़ पंचायत के वन क्षेत्र घाघरा में बना वृहत चेक डैम का उद्घाटन गुरुवार को मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन आदि ने किया। इस अवसर पर नर्सरी के पास आयोजित कार्यक्रम में मंत्री सोनू ने कहा कि झारखंड के इतिहास में पहली बार इतना बड़ा चेकडैम वन विभाग की ओर से बनाया गया है। यहां की हरियाली आने वाले तीन साल बाद देखने लायक होगी।

    उन्होंने कहा कि एक दौर था जब वन विभाग के लोगों को देखकर गांव देहात के लोग भाग जाते थे। आज नए दौर में वन विभाग को मानसिकता बदलते हुए ग्रामीणों के साथ मिलकर वनों के संरक्षण के लिए कार्य करना होगा। हेमंत सोरेन की पहल पर वन विभाग की ओर से चेकडैम का निर्माण, वनों के संरक्षण की व्यवस्था और जहां पर्यटन की संभावना है वहां पर्यटन विभाग से मिलकर कार्य किए जा रहे हैं।

    विधायक सोरेन ने कहा कि चेकडैम क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित होगा। यह चेकडैम जंगल क्षेत्र में बना है। इसका लाभ न केवल मनुष्य बल्कि जीव ,जंतु,जानवर ,पक्षी आदि भी लेंगे । क्षेत्र भ्रमण के दौरान यहां का दौरा किया गया था । उस समय जर्जर यह बेंगाबाद लुपी सड़क और क्षेत्र में पानी की समस्या देखी गई थी।

    जिसका ध्यान में रखकर चेकडैम और सडक जीर्णोद्धार स्वीकृति दिलाई गई थी । आज सड़क का बदला लूक और चेकडैम देखने को मिल रहा है। यह बड़ा जल स्रोत इस जंगल की हरियाली बढ़ाएगा। डीएफओ मनीष तिवारी ने कहा कि यह साल का जंगल सात हजार एकड में फैला है । इतना बड़ा वन क्षेत्र दूसरा नहीं है।

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    यह अजय नदी का पोषक क्षेत्र है। जंगल कटने से नदियों को भारी नुकसान होता है। इस वन क्षेत्र में बना चेकडैम से जल संचय होगा जिसका प्रभाव आने वाले समय में पड़ेगा। कहा कि प्रत्येक साल 13 एम एम बारिश होने के बावजूद बहकर बेकार हो जाता है।आने वाले समय में यह क्षेत्र खंडौली से भी बड़ा पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित हो सकता है।

    मौके पर डीडीसी स्मृता कुमारी, महापौर प्रमिला मेहरा,रेंजर सुरेश रजक ,एसके रवि, प्रमुख मीना देवी, बीस सूत्री अध्यक्ष नुनु राम किस्कू, फोरेस्टर रोहित पंडित, जितेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।