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    Jamtara में ठगी का बड़ा खुलासा: साइबर थाने का आरक्षी ही बना मास्टरमाइंड, 39 लाख की ठगी

    By Rambijay Singh Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Sat, 11 Apr 2026 10:00 AM (GMT+05:30)

    Jamtara Cyber Police Constable Turns Conman: जामताड़ा साइबर थाना के एक आरक्षी ने चार पहिया वाहन सस्ते में नीलामी का झांसा देकर आठ लोगों से 39.60 लाख र ...और पढ़ें

    जामतारा साइब थाना।

    जामतारा साइब थाना।

    HighLights

    1. साइबर थाना आरक्षी ने वाहन नीलामी का झांसा दिया।

    2. आठ लोगों से 39 लाख 60 हजार रुपये ठगे गए।

    3. बेंगाबाद थाने में आरक्षी गौतम शर्मा पर केस दर्ज।

    संवाद सूत्र, जागरण, बेंगाबाद ( गिरिडीह)। Jamtara Cyber Police Constable News: साइबर ठगी से आमलोगों को बचाव करने के लिए बना जामताड़ा के साइबर थाना के एक आरक्षी ने थाना के चार पहिया वाहन को सस्ते दामों में नीलामी पर देने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की है।

    बेंगाबाद में प्राथमिकी, देवघर का रहने वाला है सिपाही

    भुक्तभोगी मुंडहरी निवासी महाराज प्रसाद यादव ने गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना में आवेदन देकर ठगी करने वाले उक्त आरक्षी गौतम कुमार शर्मा के विरुद्ध मामला दर्ज कराया है। आरोपित आरक्षी देवघर जिला के मधुपुर थाना क्षेत्र के गडिया गांव का रहने वाला है।

    आवेदन में महाराज यादव ने कहा है कि उक्त आरक्षी से पूर्व से परिचित था । जिसके कारण उसने बीते साल मई माह में फोन कर बोला कि थाने में जब्त पड़े चार पहिया वाहनों की नीलामी सितंबर में होने वाली है। वाहन सस्ते दामों में ही मिल जाएगा। अगर लेना है तो अपने लोगों को जानकारी देकर रुपये जमा करें।

    आठ लोगों से की ठगी

    आरक्षी के सस्ते दामों में वाहनों के नीलामी करने के झांसे में आकर महाराज प्रसाद यादव उनके पुत्र अरूण कुमार, नावाडीह निवासी रजाउद्दीन मिर्जा और मो अलाउद्दीन, जमुआ निवासी मनोज कुमार यादव, गांडेय के अलीमके मिर्जा, झलकडीहा के प्रकाश मंडल और मुंडहरी के जगदीश प्रसाद यादव को बारी बारी से वाहनों को दिखाकर अलग अलग समय में कुल 39 लाख 60 हजार 500 रुपये आनलाइन और नगद के रूप में लिया।

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    बावजूद दिसंबर माह बीतने के बाद भी जब वाहनों की नीलामी नहीं हुई तो आरक्षी को वाहन के लिए फोन किया जाने लगा । लेकिन आरक्षी बहाने बनाता रहा। इसके बाद भुक्तभोगियों ने उक्त थाना जाकर जानकारी ली। इस पर बताया गया कि वाहनों की नीलामी के लिए न्यायालय से कोई आदेश नहीं मिला है। इसके बाद उक्त लोग पैसे के लिए आरक्षी को फोन और तगादा करने लगे इसके बाद भी रुपये वापस नहीं कर रहा था।