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    गिरिडीह में युवक की हत्या पर भड़का आक्रोश, कबरीबाद माइंस पर प्रदर्शन, पुलिस पर पथराव

    By Prabhat Kumar Sinha Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Wed, 06 May 2026 07:48 PM (IST)

    Giridih Youth Murder: गिरिडीह में सीसीएल के कबरीबाद माइंस के पास दिलीप दास की चाकू मारकर हत्या के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें

    सदर अस्पताल से दिलीप के शव को प्रदर्शन के लिए ले जाते स्वजन। (फोटो जागरण)

    सदर अस्पताल से दिलीप के शव को प्रदर्शन के लिए ले जाते स्वजन। (फोटो जागरण)

    HighLights

    1. कबरीबाद माइंस के पास युवक दिलीप दास की हत्या।

    2. शव के साथ प्रदर्शन, पुलिस और भीड़ में झड़प।

    3. पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल, मुआवजे पर सहमति।

    जागरण संवाददाता, गिरिडीह। सीसीएल के कबरीबाद माइंस के समीप मंगलवार की रात हुई खंडीहा निवासी 25 वर्षीय युवक दिलीप दास की चाकू से वार कर हत्या के बाद सदर अस्पताल से उसके शव को ले जाकर स्वजन समेत आक्रोशितों ने खान प्रबंधक कार्यालय के समक्ष बुधवार की सुबह से ही धरना पर बैठ गए।

    Giridih Murder News

    स्वजनों व आक्रोशितों ने हत्या करने वालों को गिरफ्तार करने, मुआवजा देने व एक आश्रित को नौकरी देने की मांग कर रहे थे। इसी क्रम में कुछ आक्रोशितों ने बूम बैरियर के पास तोड़फोड़ करने लगे जिसके बाद पुलिस ने आक्रोशितों को खदेड़ने के लिए बल प्रयोग किया।

    इससे भीड़ काफी ज्यादा आक्रोशित हो गई और पुलिस टीम पर ताबड़ताेड़ पथराव करने लगे। इसमें कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। इसके बाद पुन: पुलिस की टीम कड़ा रुख अपनाते हुए आक्रोशितों को खदेड़ना शुरू की। इस क्रम में पुलिस वालों ने कई पत्थरबाजों की जमकर धुनाई भी कर दी। इसके बाद आक्रोशित नरम पड़ते हुए शांत हो गए।

    वहीं पुलिसिया कार्रवाई के बाद कुछ तो भाग खड़े हए जबकि कुछ वहीं शव के पास शांति से बैठे रहे। इधर घटना के विरोध में कबरीबाद माइंस से उत्पादन को ठप करा दिया जबकि बुधवार को कोयला चोरी भी पूरी तरह से बंद रहा।

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    वहीं पूरे मामले पर उपायुक्त रामनिवास यादव व पुलिस अधीक्षक डा. बिमल कुमार भी पल-पल नजर रख रहे थे। मौके पर एसडीएम श्रीकांत यशवंत विस्पुते, सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, सीओ जीतेंद्र कुमार, नगर थानेदार रतन कुमार सिंह, मुफस्सिल थानेदार श्याम किशोर महतो, मेजर सन्नी कुमार समेत काफी संख्या में पुलिस पदाधिकारी, दंडाधिकारी के अलावा क्यूआरटी, आइआरबी, जिला बल व अन्य बलों के जवान मोर्चा पर डटे रहे।

    एक से पुलिस कर रही पूछताछ

    दिलीप की हत्या का आरोप स्वजनों ने कबरीबाद माइंस के पास ड्यूटी में तैनात सुरक्षा इंचार्ज व गार्ड पर लगाया है। वहीं पुलिस ने इस घटना को लेकर पूछताछ के लिए रामसागर नामक एक सुरक्षा इंचार्ज को हिरासत में लेकर पूछताछ करने में जुटी है।

    सदर अस्पताल से स्ट्रेचर के साथ ले गए शव

    दिलीप के शव को उसके स्वजन व आक्रोशितों की ओर से मंगलवार रात को ही ले जाने का प्रयास किया गया लेकिन नगर थानेदार रतन सिंह किसी भी हाल में शव नहीं ले जाने की बात कह कर स्वजनों को समझा-बुझाकर शव को ले जाने से रोका।

    बुधवार की सुबह आक्रोशितों व स्वजनों ने आपा खो दिया और सदर अस्पताल में स्ट्रेचर पर रखे दिलीप के शव को स्ट्रेचर के साथ पैदल ही सीसीएल प्रबंधन, पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कबरीबाद खान प्रबंधक कार्यालय के बाहर रख कर न्याय की मांग को लेकर धरना पर बैठ गए।

    ये पुलिस पदाधिकारी व कर्मी हुए चोटिल

    कबरीबाद खान प्रबंधक कार्यालय के पास शव के साथ धरना-प्रदर्शन करने के क्रम में उग्र हुए लाेगों का कोपभाजन पुलिस पदाधिकारी व जवानों को भी होना पड़ा। इसमें आक्रोशितों की ओर से चलाए गए पत्थर से साइबर डीएसपी आबिद खान, नगर थाने के एसआइ विक्रम कुमार को गहरी चोट लगी जबकि करीब चार से पांच अन्य पुलिस पदाधिकारी व जवान भी इससे चोटिल हुए। वहीं आइआरबी के एक जवान का मोबाइल पत्थर की वार से टूट कर क्षतिग्रस्त हो गया।

    बूम बैरियर हाउस पथराव से हुआ क्षतिग्रस्त

    कबरीबाद माइंस के पास बूम बैरियर हाउस को पथराव कर पूरी तरह से आक्रोशितों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। इस कक्ष में लगे शीशा को पत्थर से वार कर तोड़ दिया जबकि वहां स्थापित कंप्यूटर सिस्टम को भी नुकसान हुआ है।

    वार्ता के बाद पोस्टमार्टम के लिए लाया गया शव

    दिलीप की हत्या के बाद आक्रोशित लोग शव के साथ प्रदर्शन करते रहे। इस क्रम में करीब तीन घंटे तक वाहन में शव रखा रहा। जबकि इससे पूर्व शव को खान प्रबंधक के कार्यालय के बाहर रखा गया था। लंबी वार्ता के बाद बनी सहमति के आधार पर आक्रोशितों ने पोस्टमार्टम के लिए शव को सदर अस्पताल ले जाने दिया।

    यहां महाप्रबंधक कार्यालय में लंबे समय तक वार्ता हुई। इसमें अंतिम संस्कार व श्राद्ध के लिए 50 हजार रुपये नकद दिया गया। जबकि दो माह के अंदर मृतक के आश्रित को दो लाख रुपये व एक सदस्य को कबरीबाद आउटसोर्सिंग कंपनी में नौकरी देने पर सहमति बनी।

    सिसक रही थी बहन तो बदहवास थी मां

    दिलीप अपने घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। उसके पिता पूरी तरह से दिव्यांग हैं। अपने कमाऊ पुत्र दिलीप की मौत से उसकी मां सदर अस्पताल से लेकर कबरीबाद प्रदर्शन स्थल पर रह-रहकर बदहवास हो रही थी तो दिलीप की बहन कभी शव के पास तो कभी वाहन के पास बैठकर अपन भाई को खोने के गम में सिसक रही थी।

    कबरीबाद माइंस के पास मंगलवार की रात को दिलीप दास नामक युवक की चाकू से वार कर हत्या कर दी गई। बुधवार को शव को सदर अस्पताल से स्वजन व आक्रोशित ले भागे और कबरीबाद खान प्रबंधक के कार्यालय के पास धरना पर बैठ गए। आक्रोशितों ने पुलिस पर ही पथराव कर दिया जिसमें डीएसपी समेत कई को चोट लगी है।-जीतवाहन उरांव, सदर एसडीपीओ।